दो दिवसीय थार फेस्टिवल की शुरुआत 8 अक्टूबर से शोभायात्रा के साथ होगी। पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में करवाया जा रहा है। गुरुवार को सुबह 8 बजे गांधी चौक से आदर्श स्टेडियम तक शोभायात्रा निकलेगी। वहां पर मिस थार, मिस्टर थार श्री, सुंदर, मूंछ, ऊंट श्रृंगार सहित अलग-अलग प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा। दूसरे दिन किराडू में अलग-अलग प्रोग्राम होंगे। वहीं उसी रात को महाबार के रेतीले धोरों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएगी। फेस्टिवल को लेकर तैयारियों जारी है। दरअसल, बाड़मेर में थार महोत्सव की शुरुआत 1986 में जिला प्रशासन द्वारा पश्चिमी राजस्थान की लोक कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की थी। 1986 से 2012 तक लगातार कार्यक्रम हुए। 2012 के बाद 10 साल के अंतराल के बाद 2022 में दुबारा शुरू हुआ। थार महोत्सव के माध्यम से जिले की अनूठी सांस्कृतिक विरासत और हस्तशिल्प को विश्व के सामने प्रस्तुत करना है। इस महोत्सव में एशियाड का प्रसिद्ध गेर नृत्य, लोक और संगीत से जुड़े कलाकारों की प्रस्तुति खास रहती है। पूर्व में बालोतरा साथ था, लेकिन अब जिला अलग होने से यह कार्यक्रम बाड़मेर तक ही सीमित रहेगा। अब दो साल बाद अब दो दिवसीय थार महोत्सव-2025 का आयोजन 8-9 अक्टूबर को होगा। पहले दिन शोभायात्रा से होगा आगाज थार महोत्सव का शुभारंभ बाड़मेर जिला मुख्यालय पर 8 अक्टूबर को शोभायात्रा से होगा। 9.30 से 10 बजे तक आदर्श स्टेडियम में उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान गैर नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी l इसके बाद सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक आदर्श स्टेडियम में मिस थार,मिस्टर थार श्री, सुन्दर मूंछ, ऊंट श्रृंगार, पुरुष एवं महिला वर्ग के लिए रस्सा कस्सी,पनिहारी मटका दौड़, ढोल वादन, पंच गौरव खेल के तहत बास्केटबॉल मैच प्रतियोगिता आयोजित होगीl जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि 8 अक्टूबर को रात्रि 8 से 10 बजे तक आदर्श स्टेडियम में लोक कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएगी l दूसरे दिन किराडू मंदिर में लोक कलाकार देंगे प्रस्तुति थार महोत्सव के दूसरे दिन 9 अक्टूबर को पंच गौरव स्थल किराडू में प्रात : 9 से 9.30 बजे तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएगी l उन्होंने बताया- इसके बाद सुबह 9.30 से दोपहर 1 बजे तक ग्रामीण कबड्डी, सतोलिया, दंपती दौड़, दादा पोता दौड़, रुमाल झपट्टा, मेहंदी, रंगोली प्रतियोगिता आयोजित होगी l इसी दिन रात्रि में महाबार के धोरे पर रात 7 से 10 बजे तक लोक कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएगी l उन्होंने बताया कि थार महोत्सव के दौरान राजस्थान के ख्याति प्राप्त लोक कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएगी। उनके मुताबिक थार महोत्सव के माध्यम से स्थानीय लोक कलाकारों को अधिकाधिक भागीदारी देकर प्रोत्साहित किया जाएगा l यह कार्यक्रम रहेंगे आकर्षण का केंद्र दो दिवसीय थार महोत्सव के दौरान विश्व विख्यात कालबेलिया नृत्य, घूमर नृत्य, कच्छी घोड़ी, अग्नि नृत्य, तराज़ू नृत्य, गैर,तेरहताली, डेजर्ट सिम्फनी, भवाई नृत्य के साथ राजस्थानी भजन और लोक गायन के रंगारंग कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा अलगोजा वादन, ढोल वादन, कठपुतली शो की शानदार प्रस्तुतियों के जरिए राजस्थान और थार की लोक कला को बढ़ावा दिया जाएगा।
