अजमेर एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में 23 मई से 1 जून 2026 तक 10 दिवसीय चिंतन एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन पुष्कर में किया जाएगा। इस शिविर की मेजबानी अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी करेगी। आयोजन पुष्कर स्थित डॉ. राजकुमार जयपाल के निजी रिसोर्ट “वाइल्ड रोज” में होगा। इस शिविर में राजस्थान और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के जिलाध्यक्षों सहित करीब 100 से अधिक पदाधिकारी भाग लेंगे। कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, चुनावी रणनीति तैयार करने और जनहित के मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। सबसे खास बात यह रहेगी कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी दो दिन तक शिविर में मौजूद रहेंगे। इनके अलावा कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता अलग-अलग सत्रों में भाग लेंगे। ये वरिष्ठ नेता रहेंगे मौजूद शिविर में संगठन विस्तार, मीडिया मैनेजमेंट, चुनाव प्रबंधन, जनसंपर्क और बूथ स्तर तक कांग्रेस को मजबूत करने के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे। प्रतिदिन वरिष्ठ नेताओं और रणनीतिकारों के साथ संवाद कार्यक्रम भी रखे जाएंगे। फील्ड विजिट और मनरेगा निरीक्षण भी 25 मई को कांग्रेस पदाधिकारियों का विभिन्न क्षेत्रों में फील्ड विजिट कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष और पीसीसी पदाधिकारी गांवों में जाकर कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। वहीं 27 मई को मनरेगा कार्यस्थलों का निरीक्षण भी किया जाएगा। अलग-अलग टीमें संभालेंगी व्यवस्थाएं शिविर में आने वाले नेताओं और पदाधिकारियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन, चिकित्सा, पानी और स्वच्छता की विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शहरभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। डॉ. जयपाल बोले- अजमेर के लिए गर्व का अवसर अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि कांग्रेस संगठन द्वारा अजमेर को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देना पूरे जिले के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह शिविर कांग्रेस संगठन को नई दिशा और ऊर्जा देगा तथा अजमेर का राजनीतिक महत्व राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगा। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी वाला यह चिंतन शिविर आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से कांग्रेस के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।