पंजाब के बरनाला जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन सख्त हो गया है। इसी कड़ी में धनौला क्षेत्र में गेहूं की पराली जलाने के आरोप में एक किसान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करने पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। धनौला पुलिस स्टेशन के सहायक थानेदार जसवीर सिंह ने बताया कि उन्हें नोडल अधिकारी धनौला से गेहूं सीजन 2026 के दौरान पराली जलाने संबंधी एक रिपोर्ट मिली थी। इस रिपोर्ट में धनौला गांव क्षेत्र में एक खेत में पराली जलाने की घटना का उल्लेख था। संबंधित स्थान की लोकेशन दर्ज की गई और क्लस्टर अधिकारी धनौला प्रदीप कुमार द्वारा पुलिस को चालान भेजा गया। जांच में सामने आया कि धनौला गांव निवासी सुखमिंदर सिंह ने अपने खेत में गेहूं की पराली को आग लगाई थी। पुलिस बोली- किसान ने DC के जारी निर्देशों की अवहेलना की है यह कार्रवाई पंजाब सरकार और जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों का सीधा उल्लंघन मानी गई। पुलिस के अनुसार, किसान ने डीसी बरनाला हरप्रीत सिंह द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना की है, जिसमें किसानों को पराली न जलाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। प्रशासन पहले से ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके बावजूद पराली जलाने की घटनाएं सामने आने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। धनौला पुलिस ने आरोपी किसान के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में पराली जलाने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों के निपटारे के लिए वैकल्पिक तरीकों का उपयोग करें, ताकि पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सके और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
