भरतपुर के अपना घर आश्रम में एक व्यक्ति अपने परिवार से 4 साल बाद मिला। शराफत अली से मिलकर परिवार के लोग भावुक हो गए। 4 साल शराफत अली घर से दिल्ली जाने की बात कहकर निकले थे। अपना घर आश्रम की टीम ने उन्हें जयपुर से रेस्क्यू किया था। इलाज के बाद उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ और उन्होंने अपना घर आश्रम की टीम को अपने घर का पता बताया। 4 साल पहले दिल्ली जाने की बात कहकर निकले थे सचिव ने बताया कि शराफत अली उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं। वह सिलाई का काम करते थे। इस दौरान वह मानसिक रूप से बीमार हो गए। 4 साल पहले वह घर से दिल्ली जाने की बात कहकर निकले थे। उसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। परिवार के लोगों ने शराफत अली को हर जगह ढूंढा। पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। जयपुर में सड़क पर भटकते मिले थे शराफत जब शराफत अली नहीं मिले तो, उनके परिवार के लोगों ने उन्हें मिलने की उम्मीद छोड़ दी। 18 मई 2025 को शराफत अली अपना घर आश्रम की टीम को सड़कों पर भटकते हुए मिले। जिसके बाद उन्हें भरतपुर के अपना घर आश्रम में लाया गया। शराफत अली का उपचार किया गया। धीरे-धीरे उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ। परिवार के लोगों ने उन्हें जगह-जगह ढूंढा मानसिक स्थिति में सुधार होने के बाद शराफत अली ने बताया कि वह सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं। अपना घर आश्रम की टीम सिद्धार्थनगर पुलिस थाना से संपर्क किया। थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज थी। जिसके बाद पुलिस ने शराफत अली के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों को जब पता लगा कि शराफत अली जिंदा हैं तो, उन्हें पहले यकीन नहीं हुआ। अपना घर आश्रम की टीम ने शराफत अली की उनकी परिजनों से बात करवाई। परिवार शराफत से मिलकर हुआ भावुक आज शराफत अली के पिता गयासुद्दीन, मां नूर निशा, पत्नी सकीना खातून आज अपना घर आश्रम पहुंचे। शराफत अली को देखकर परिवार भावुक हो उठा। शराफत अली के दो बच्चे हैं जो घर पर ही थे उन्हें भी अपने पिता का इंतजार है। शराफत का परिवार उन्हें लेकर सिद्धार्थनगर के लिए रवाना हो गया।
