जोधपुर ग्रामीण इलाके में पुलिस की लापरवाही से दो बहनों की जान चली गई। बड़ी बहन से गैंगरेप के बाद छोटी से भी गैंगरेप की घटना हुई। आरोपियों ने वीडियो भी बनाया, जिसके जरिए ब्लैकमेल करते रहे। इससे परेशान होकर बड़ी बहन ने सुसाइड कर लिया था। इसके बाद छोटी बहन ने शुक्रवार (15 मई) को पानी की टंकी पर चढ़कर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इससे पहले छोटी बहन ने पुलिस में 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मामले में 33 दिन बाद भी कारवाई नहीं हुई। वहीं आरोपी पीड़िता को धमकी दे रहे थे। पुलिस की नाकामी और दोषियों की सजा की मांग को लेकर राजपूत समाज के लोग एमडीएम हॉस्पिटल के बाहर धरना दे रहे है। सिलसिलेवार पढ़िए-पूरा मामला FIR के 33 दिन बाद भी आरोपियों को नहीं पकड़ा जोधपुर ग्रामीण की रहने वाली पीड़िता ने शुक्रवार को पानी की टंकी पर चढ़कर जहरीला पदार्थ खाकर सुसाइड किया था। इससे पहले उसने 11 अप्रैल को उसने गैंगरेप की थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने गैंगरेप सहित अन्य धाराओं में 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। पीड़िता ने सुसाइड से पहले पुलिस प्रशासन को लिखित में स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला, तो उसे भी सुसाइड करना पड़ेगा। इस लिखित चेतावनी के बावजूद पुलिस महकमे ने उसे कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। पीड़िता की बड़ी बहन से 4 साल तक किया था गैंगरेप पीड़िता ने उसी दिन 11 अप्रैल को ग्रामीण एसपी पीडी नित्या को भी शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार- उसकी बड़ी बहन को फंसाकर ई-मित्र का संचालक महिपाल ने शारीरिक संबंध बनाकर वीडियो बना लिया था। इसके बाद उसे एक मोबाइल और सिम कार्ड भी दिया था। ताकि उसे ब्लैकमेल कर सकें। इसके बाद से महिपाल और उसके साथी शिवराज, गोपाल, वीजाराम, दिनेश, मनोज और पुखराज करीब तीन-चार साल तक उसका शोषण करके पैसे ऐंठते रहे। इस प्रताड़ना से तंग आकर बड़ी बहन ने 20 मार्च को सुसाइड कर लिया था। ब्लैकमेल कर रेप करते रहे शिकायत के अनुसार- एसपी को दी शिकायत में पीड़िता (छोटी बहन) ने बताया था कि बहन की मौत के बाद आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल कर शुरू कर दिया था। वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर उसे अपना शिकार बनाया। महिपाल ने उसे एक होटल में पांच बार बुलाकर और खेतों में बुलाकर शोषण किया। आरोपी गोपाल ने भी 18 मार्च को होटल बुलाकर और उसके घर आकर ज्यादती की थी। आरोपियों ने पुलिस में मुकदमे के बाद भी दी धमकी शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि आरोपी पुलिस में रिपोर्ट के बाद भी धमकियां दे रहे हैं। कहते है कि पुलिस वाले उनके ही आदमी हैं और विभाग उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। आरोपियों ने धमकी दी थी कि यदि उसने मुकदमा वापस नहीं लिया, तो उसकी हालत भी बड़ी बहन जैसी कर दी जाएगी और उसे जान से मार दिया जाएगा। एफआईआर दर्ज होने के 33 दिन बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी और थाना पुलिस ने किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पिता का आरोप- पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की एमडीएम हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे मारवाड़ राजपुत समाज के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा ने कहा कि एक युवती ने अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक के दरवाजे पर दस्तक दी लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इस मामले में पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को बचाने का काम किया। इसके चलते आहत होकर पीड़िता ने सुसाइड कर दिया। वहीं, उसकी बहन की भी इस मामले में मौत हो गई। अब कोर्ट से ही उम्मीद है कि इस पूरे मामले में निष्पक्ष न्याय होगा। दोषी आरोपियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता के पिता ने बताया कि छोटी बेटी के 2 बच्चे हैं। वह 4 घंटे टंकी पर रही। आरोपी खुद जांच अधिकारी के सामने बैठे रहते लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। —
मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- महिला ने पानी की टंकी पर चढ़कर जहर खाया, मौत:परिजन बोले- गांव के युवकों ने किया था रेप, बड़ी बहन ने भी की थी आत्महत्या जोधपुर जिले में महिला ने पानी की टंकी पर जहरीला पदार्थ खा लिया। मथुरा दास माथुर (MDM) अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। (पढ़िए पूरी खबर)