तरनतारन जिले की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से बनाए गए मॉडिफाइड वाहनों के संचालन पर जिला प्रशासन ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। जिला मजिस्ट्रेट राहुल ने आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से इस संबंध में सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि पंजाब के परिवहन विभाग ने एक पत्र के जरिए सूचित किया था कि ‘जुगाड़ू हॉकर’ या ‘पीटर हॉकर’ जैसे अवैध और गैर-कानूनी रूप से तैयार किए गए वाहन धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ये वाहन मोटर वाहन अधिनियम (मोटर व्हीकल एक्ट), 1988 और सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करते हैं। इसके मद्देनजर, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन ने ऐसे वाहनों पर रोक लगाने के लिए यह गाइडलाइन जारी की है। एसएसपी ने पत्र लिखकर जताई थी चिंता, बढ़ रहे थे हादसे इसके अतिरिक्त, तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने भी जिला मजिस्ट्रेट को एक आधिकारिक पत्र लिखकर जिले में लगातार बढ़ रही अवैध मॉडिफाइड वाहनों की संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। एसएसपी ने बताया था कि इन जुगाड़ू वाहनों के कारण सड़कों पर सार्वजनिक सुरक्षा खतरे में पड़ रही है, यातायात (ट्रैफिक) में भारी बाधा आ रही है और सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इसके साथ ही, पुलिस विभाग ने ऐसे वाहनों के मॉडिफिकेशन और उनके निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) करने वाले वर्कशॉप्स पर भी रोक लगाने की सिफारिश की थी। तत्काल प्रभाव से लागू हुआ बैन, 14 जुलाई तक रहेगा प्रभावी जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किया गया यह प्रतिबंधात्मक आदेश पूरे तरनतारन जिले में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि यह पाबंदी 14 जुलाई 2026 तक पूरी तरह से प्रभावी रहेगी। यदि इस अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति सड़कों पर जुगाड़ू या अवैध रूप से मॉडिफाइड वाहन चलाता या बनाता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और वाहन को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।
