सलूंबर जिले की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म और मारपीट के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने ये फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष ने बताया- पीड़िता गांव की एक दुकान पर बिस्किट खरीदने गई थी। आरोपी दुकानदार ने उसे बिस्किट दिए, लेकिन जब बालिका ने बकाया पैसे मांगे, तो उसने उसका मोबाइल छीन लिया। मोबाइल वापस लेने के बहाने आरोपी पीड़िता को जबरन दुकान के पीछे बने कमरे में ले गया। वहां उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। कुदाली से गर्दन पर किया हमला पीड़िता ने जब विरोध किया और शोर मचाने की धमकी दी, तो आरोपी ने उस पर कुदाली से हमला कर दिया। गर्दन पर वार लगने से बालिका बेहोश होकर गिर पड़ी। इसी दौरान सह-आरोपी महिला मौके पर पहुंची। उसने पीड़िता पर पानी डालकर उसे होश में लाने का प्रयास किया। होश में आने के बाद महिला ने पीड़िता की छाती पर लात मारकर उसे चोट पहुंचाई। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि दोषियों का कृत्य समाज में भय और असुरक्षा पैदा करने वाला है और ऐसे अपराधी किसी भी रियायत के हकदार नहीं हैं। 19 गवाह, 41 दस्तावेज कोर्ट के सामने रखे विशिष्ट लोक अभियोजक रणजीत पुर्बिया ने राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 19 गवाह और 41 दस्तावेजी साक्ष्य कोर्ट के सामने पेश किए गए। मुख्य आरोपी की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
