भीलवाड़ा शहर के महिला थाना परिसर के बाहर सोमवार को काउंसलिंग के लिए पहुंचे एक ही समाज के दो पक्ष देखते ही देखते खूनी भिड़ंत पर उतर आए। महिला थाना और रेलवे स्टेशन मार्ग कुछ देर के लिए रणभूमि में तब्दील हो गया, जहां जमकर लात-घूंसे चले और चीख-पुकार के बीच अफरा-तफरी मच गई। यह था मामला जानकारी के अनुसार बनेड़ा निवासी जमनालाल सांसी अपने परिजनों के साथ महिला थाने में पारिवारिक विवाद के मामले में काउंसलिंग के लिए पहुंचे थे।उनके भतीजे की शादी करीब छह महीने पहले हुई थी और शादी के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। लड़की पक्ष ने युवक पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे, जिसके चलते दोनों पक्षों को महिला थाने बुलाया गया था।
काउंसलिंग से पहले चले लात-घूंसे आरोप है कि काउंसलिंग से पहले ही थाना परिसर के बाहर माहौल गरमा गया और लड़की पक्ष के रवि, विशाल, सुनील व रौनक सहित करीब 10 से 12 लोगों ने जमनालाल और उनके साथ आए लोगों पर हमला बोल दिया।देखते ही देखते सड़क पर धक्का-मुक्की से शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिससे मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को हटाया मारपीट में जमनालाल के सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं और पहले भी हमला कर चुके हैं।घटना के दौरान पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर हालात संभालने की कोशिश की और हंगामा कर रहे लोगों को वहां से हटाया। आम आदमी किस पर भरोसा करे माहौल बिगड़ता देख पीड़ित पक्ष को सुरक्षा के लिए कोतवाली थाने भेजा गया।अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी है। लेकिन शहर में चर्चा इस बात की है कि अगर थाना परिसर के बाहर ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी आखिर भरोसा किस पर करे?
