दौसा के सिकराय कस्बे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान घाट ले जा रहे थे, लेकिन रास्ता बंद मिला। इससे ग्रामीण नाराज हो गए और शव लेकर एसडीएम ऑफिस पहुंच गए। मामला जिले के सिकराय उपखण्ड क्षेत्र के कालवान गांव स्थित प्रजापतों की ढाणी का है। एसडीएम नवनीत कुमार के निर्देश पर मानपुर थाना इंचार्ज और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और रास्ता खुलवाया। इसके बाद जेसीबी से अतिक्रमण हटाकर पुलिस के पहरे में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू करवाई। थाना इंचार्ज सतीश कुमार ने बताया कि रास्ते का विवाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में दूसरे पक्ष से समझाइश के बाद रास्ता खुलवा दिया गया है। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है। एम्बुलेंस में लेकर पहुंचे शव
भतीजे सचिन ने बताया कि ताऊ गिरिराज प्रजापत(60) निवासी प्रजापतों की ढाणी की रविवार को दौसा में करंट का झटका लगने से मौत हो गई। सोमवार की दोपहर करीब 2 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर श्मशान घाट के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ता बंद मिलने से वे श्मशान स्थल तक नहीं पहुंचे सके। इसके कारण अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। इससे गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव को एंबुलेंस में रखकर करीब 3 बजे सिकराय एसडीएम ऑफिस पहुंच गए और धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। ग्रामीण बोले- स्थाई समाधान नहीं मिला तो करेंगे आंदोलन
सचिन ने बताया कि श्मशान के रास्ते का विवाद नया नहीं है। इससे पहले भी कई बार इसे लेकर प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन अब तक स्थाई समाधान नहीं कर पाया है। उन्होंने बताया कि रास्ते की जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके बाद भी एक पक्ष ने उसमें अतिक्रमण कर रखा है, जिससे ग्रामीण श्मशान तक नहीं पहुंच पाते है। इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले का जल्द स्थाई समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे। एसडीएम के निर्देश पर खुलवाया रास्ता
हालांकि एसडीएम नवनीत कुमार ने ग्रामीणों से समझाइश की। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार हेमेंद्र और मानपुर थाना इंचार्ज सतीश कुमार मौके पर पहुंचे और समझाइश के बाद रास्ते में पड़े अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से हटाया गया। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की जा सकी।