चित्तौड़गढ़ शहर में अप्रैल महीने के दौरान मंदिरों में हुई सिलसिलेवार चोरियों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सबसे बड़ी बात यह रही कि जिस रात दुर्ग स्थित प्राचीन मल्लीनाथ जैन मंदिर में चोरी हुई, उसी रात पूरे शहर की बिजली गुल थी। 220 केवी जीएसएस में ब्लास्ट होने से अभय कमांड के 251 कैमरे और शहर के 350 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे। रोड लाइट भी बंद थी और पूरा शहर अंधेरे में डूबा हुआ था। ऐसे में पुलिस के पास न कोई फुटेज था और न ही कोई तकनीकी मदद। किले की ऊंचाई के कारण बीटीएस में भी दिक्कत आई और आसपास के हाईवे की रेंज पकड़ने से जांच और उलझ गई। इसके बावजूद पुलिस ने करीब 20 दिन तक लगातार मेहनत कर मामले का खुलासा किया। पुलिस अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और भगवान शांतिनाथ व महावीर स्वामी की अष्टधातु मूर्तियों सहित तीन आभामंडल बरामद कर लिए गए हैं। चोरी में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। एक के बाद एक तीन मंदिरों में हुई चोरी एसपी मनीष त्रिपाठी ने कहा कि 16 और 17 अप्रैल की देर रात दुर्ग पर कीर्ति स्तंभ के पास स्थित मल्लीनाथ जैन मंदिर में चोरी हुई थी। यहां से भगवान शांतिनाथ और महावीर स्वामी की अष्टधातु मूर्तियां, 9 चांदी के छत्र, सिंहासन और दानपात्र की नगदी चोरी की गई। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल की मध्यरात्रि शहर के कैलाश नगर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर में चैनल गेट का ताला तोड़कर 4 चांदी के छत्र और दानपात्र चोरी कर लिया गया। फिर 29 और 30 अप्रैल की रात चामटीखेड़ा स्थित द्वारकाधीश मंदिर का ताला तोड़कर चांदी का छत्र, चांदी की वैकुंठी और चांदी की गाय चोरी कर ली गई। लगातार मंदिरों में हो रही चोरी से शहर में डर और नाराजगी का माहौल बन गया था। टीम का किया गठन, जुटाए सबूत मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह ने घटनास्थलों का मौका निरीक्षण किया। एफएसएल और एमओबी टीमों को मौके पर बुलाकर जरूरी सबूत जुटाए गए। एसपी ने DSP बृजेश सिंह चित्तौड़गढ़ के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई। टीम को लगातार हो रही वारदातों का खुलासा करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। कैमरे बंद थे, इसलिए पुलिस को अपनानी पड़ी पुरानी पुलिसिंग एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जिस रात जैन मंदिर में चोरी हुई, उस रात शहर में बड़ा बिजली फॉल्ट हो गया था। इससे अभय कमांड के कैमरे और निजी संस्थानों, दुकानों व घरों में लगे कैमरे भी बंद हो गए थे। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि पूरी चोरी “ब्लाइंड केस” बन गई थी। किसी तरह का फुटेज नहीं था। ऐसे में पुलिस को आधुनिक तकनीक छोड़कर पुरानी पारंपरिक पुलिसिंग करनी पड़ी। पुलिस टीम ने राजसमंद, भीलवाड़ा, नीमच और चित्तौड़गढ़ जिले के संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई। मुखबिरों को एक्टिव किया गया और चोरी का माल खरीदने वालों तक की जानकारी निकाली गई। संदिग्ध युवक से खुला पूरा गिरोह जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि पेमदियां का खेड़ा निवासी मिठुलाल पुत्र गोपीलाल नायक पिछले एक महीने से चित्तौड़गढ़ के दिवाकर नगर में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। उसके यहां देर रात कई युवकों का आना-जाना था। पुलिस ने मिठुलाल और उसके संपर्क में रहने वाले युवकों पर गुप्त निगरानी शुरू की। उनकी गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि यही गिरोह मंदिरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन, उनके गाड़ियों की मूवमेंट और घटनास्थलों के आसपास की गतिविधियों को जोड़ते हुए पूरे मामले का खुलासा किया। इन वारदातों को कबूला आरोपियों ने पूछताछ में आरोपियों ने चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जिले में कई मंदिरों में चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार 16 और 17 अप्रैल की रात दुर्ग स्थित मल्लीनाथ जैन मंदिर में हुई चोरी में मिठुलाल नायक, कान्हा उर्फ कन्हैया नायक, प्रकाश खारोल, देवीलाल रावत, राजमल उर्फ राजू कामड़ और किशन लोहार शामिल थे। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल की मध्यरात्रि कैलाश नगर स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर में हुई चोरी में मिठुलाल नायक, कान्हा उर्फ कन्हैया नायक, प्रकाश खारोल, हिम्मत सालवी और ईश्वर नायक शामिल रहे। वहीं 29 और 30 अप्रैल की रात चामटीखेड़ा स्थित द्वारकाधीश मंदिर में हुई चोरी में हिम्मत सालवी, घनश्याम नायक और काजल उर्फ मनीषा धनगर की भूमिका सामने आई है। इसके अलावा करीब एक माह पहले उदयपुर जिले के फतेहनगर स्थित खाटूश्याम मंदिर में हुई चोरी में मिठुलाल नायक, कान्हा उर्फ कन्हैया नायक, घनश्याम सालवी, देवीलाल रावत, राजमल उर्फ राजू कामड़, काजल उर्फ मनीषा गाडरी और नारायण नायक के शामिल होने की बात सामने आई है। अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपी पुलिस ने अब तक मिठुलाल पुत्र गोपीलाल नायक निवासी पेमदिया का खेड़ा हाल मेडीखेड़ा थाना सदर निम्बाहेड़ा, काना उर्फ कन्हैयालाल पुत्र शंभूलाल नायक निवासी पहुना थाना राशमी, राजमल उर्फ राजू कामड़ पुत्र गोपीदास कामड़ निवासी कीर मोहल्ला पहुना थाना राशमी, प्रकाश खारोल पुत्र माधु खारोल निवासी गाडरियावास थाना कपासन और हिम्मत सालवी पुत्र प्रकाशचंद्र सालवी निवासी मरमी थाना राशमी को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने मामले में देवीलाल पुत्र कालूसिंह रावत निवासी गणेशपुरा पहुना थाना राशमी, किशन पुत्र देवीलाल लोहार निवासी हिंगोरिया थाना कपासन, ईश्वर पुत्र उदयलाल नायक निवासी पेमदिया का खेड़ा थाना सदर निम्बाहेड़ा, घनश्याम पुत्र उदयलाल नायक निवासी पेमदिया का खेड़ा थाना सदर निम्बाहेड़ा और काजल उर्फ मनीषा धनगर की भूमिका भी सामने आने की बात कही है। इनमें काजल उर्फ मनीषा धनगर की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। अष्टधातु मूर्तियां और आभामंडल हुआ बरामद पुलिस अब तक दुर्ग जैन मंदिर से चोरी हुई भगवान शांतिनाथ और महावीर स्वामी की अष्टधातु मूर्तियां और तीन आभामंडल बरामद कर चुकी है। बाकी चांदी के छत्र और अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। एसपी का कहना है कि चोरी का माल खरीदने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
