डूंगरपुर में ‘फायर सेफ्टी वीक’ के तहत श्री हरिदेव जोशी सामान्य चिकित्सालय में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान आग बुझाने और बचाव कार्यों का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसका उद्देश्य अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों का आकलन करना था। मॉक ड्रिल में अस्पताल की नई बिल्डिंग में स्थित एमएनसीयू के पास आग लगने का काल्पनिक दृश्य बनाया गया। आग की सूचना मिलते ही फायर सेफ्टी और अस्पताल की टीम ने तुरंत सक्रिय होकर बचाव कार्य शुरू किया। टीम ने धुएं की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की निकासी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। आग बुझाने के लिए अस्पताल में स्थापित आधुनिक संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया। इनमें वॉटर स्प्रिंकलर्स, फायर एक्सटिंग्विशर और फायर एक्सटिंग्विशर बॉल्स शामिल थे। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित इस अभ्यास से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद पाई गईं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल की तीनों मुख्य इमारतें, एमसीएच, नई बिल्डिंग और पुरानी बिल्डिंग फायर सेफ्टी मानकों से पूरी तरह लैस हैं। परिसर में आग बुझाने के उपकरणों के साथ-साथ विशेष ब्लैंकेट और एक समर्पित अग्निशमन विभाग भी स्थापित किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आकस्मिक दुर्घटना के समय अस्पताल का स्टाफ और सुरक्षाकर्मी बिना घबराए मरीजों की जान बचाने के लिए त्वरित कार्रवाई कर सकें। इस मॉक ड्रिल के संबंध में मेडिकल कॉलेज डूंगरपुर के उपनियंत्रक डॉ. कौस्तुब ने जानकारी दी।
