सीकर में सरकारी नौकरी का झांसा देकर बदमाशों ने फर्जी बैंक अकाउंट खुलवा दिया। आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास में लेकर उसके डॉक्यूमेंट्स ले लिए और उसके फर्जी बैंक अकाउंट में ठगी के लाखों रुपए का लेन-देन कर लिया। पीड़ित ने थाने में रिपोर्ट दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। पीड़ित ने अब इस्तगासे के जरिए दादिया थाने में 4 मई को मुकदमा दर्ज किया है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस थाने में सीकर के कोलीड़ा निवासी जाविद धोबी ने रिपोर्ट दी। इसके अनुसार- वह नवलगढ़ रोड स्थित एक ड्राईक्लीन की दुकान पर प्रेस करता है। दुकान संचालक अलताफ ने उससे कहा कि उसका दोस्त रोहिताश पीड़ित की सरकारी या अच्छी प्राइवेट नौकरी लगवा देगा। इसके बदले में नौकरी लगने के बाद एक लाख रुपए देने होंगे। पीड़ित के बैंक अकाउंट में आरोपी के मोबाइल नंबर आरोपियों ने पीड़ित जाविद के गांव पहुंचकर उससे आधार कार्ड, 10वीं और 12वीं की मार्कशीट ले ली। इन डॉक्यूमेंट्स के आधार पर आरोपियों ने सीकर स्थित बंधन बैंक में जाविद के नाम से बैंक अकाउंट खुलवाया। पीड़ित के बैंक रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर आरोपी रोहिताश का लिखवा दिया। खाता खुलने के बाद आरोपी जाविद की चेकबुक, पासबुक और एटीएम कार्ड यह कहकर अपने साथ ले गए कि नौकरी लगने पर इसी खाते में सैलरी आएगी। इसमें से वे अपनी किस्त काट लेंगे और फिर डॉक्यूमेंट्स लौटा देंगे। बैंक में पूछताछ की तो रुपए लेन-देन की मिली जानकारी पीड़ित जाविद ने बताया- मार्च 2026 तक जब नौकरी नहीं लगी तो उसने डॉक्यूमेंट्स वापस मांगे। इस पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। शक होने पर जब जाविद ने बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि उसके बैंक खाते में बड़े पैमाने पर फ्रॉड ट्रांजेक्शन किए जा रहे हैं। आरोपियों ने युवक के दस्तावेज का दुरुपयोग कर उसे फाइनेंशियल क्राइम के जाल में फंसा दिया। पुलिस ने अब सीकर CJM-1 के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच ASI रोहिताश कुमार को दी गई है।