यूट्यूबर मिस्टर इंडिया हैकर (दिलराज सिंह रावत) को एक युवक के बाल काटते हुए सरदार-सरदार कहना महंगा पड़ गया। उनके वीडियो पर सिख कम्युनिटी के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। वहीं, विक्की थॉमस नाम के एक निहंग ने तो गुस्से से भरा एक वीडियो जारी कर कह दिया- सिखों की इस तरह बेइज्जती करने वाला तू जहां भी है तेरे को कपड़ों की तरह उल्टा टांग दूंगा। इसके बाद यूट्यूबर को माफी मांगनी पड़ी। उसने एक वीडियो जारी कर कहा कि वीडियो का मकसद किसी भी धर्म के लोगों को ठेस पहुंचाना नहीं था। इसके बाद उन्होंने वीडियो से विवादित हिस्सा भी डिलीट कर दिया है। क्या था वीडियो में आपत्तिजनक यूट्यूब पर करीब एक महीने पहले अपलोड की गई वीडियो में कुछ लोग एक नौजवान को जंजीरों से बांधकर रखते हैं और ट्रिमर (मशीन) से उसके बाल काटते हुए नजर आते हैं। इस दौरान पीछे से एक आवाज आती है जिसमें पूछा जाता है कि सरदार कैसा लग रहा है? इसके बाद उस नौजवान पर पानी से भरी एक बाल्टी डाल दी जाती है। इस क्लिप को देखकर इंटरनेट पर यह संदेश गया कि यह किसी सिख नौजवान के साथ की गई ज्यादती और अमानवीय घटना है। वीडियो देखकर सिख समुदाय में भारी रोष फैला। इस वीडियो पर 7.1 मिलियन व्यूज व 32482 कमेंट हो चुके हैं। विक्की थॉमस की धमकी- उल्टा टांग दूंगा वीडियो सामने आने के बाद लुधियाना के निहंग विक्की थॉमस ने शनिवार (2 मई) को वीडियो जारी किया। उन्होंने इस कृत्य को सीधे तौर पर सिख पंथ का अपमान मानते हुए कड़ी चेतावनी दी। विक्की थॉमस ने कहा कि तुमने अपने एरिया में सिख के केश काटे हैं। तुम्हें उल्टा टांगूंगा जैसे लोग कपड़े सुखाते हैं। विक्की थॉमस का कहना है कि सिखों के साथ ऐसा कृत्य करने वाले की लोकेशन ढूंढकर सजा देंगे। उन्होंने सिख इतिहास का हवाला देते हुए आगे कहा आनंदपुर साहिब में साल 1699 में 5 सिरों से इस पंथ की नींव रखी गई है। यकीन मानना, खदान से भी ढूंढ निकालूंगा। जिस किसी ने भी ये टिप्पणी की होगी। जिसने भी मुझे लोकेशन दी, उसकी सेवा मरते दम तक नहीं भूलूंगा। डैमेज कंट्रोल में उतरे मिस्टर इंडियन हैकर, माफी मांगी विक्की थॉमस की चेतावनी और सोशल मीडिया पर बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यूट्यूबर दिलराज सिंह रावत को सामने आना पड़ा। उन्होंने रविवार (3 मई) को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट कर पूरे मामले की सच्चाई बताई और खुले तौर पर माफी मांगी। दिलराज ने अपनी सफाई में स्पष्ट किया कि यह कोई वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि उन्होंने अपने ही दोस्तों के साथ एक नॉर्मल प्रैंक वीडियो बनाया था। उन्होंने बताया कि जाने-अनजाने में लीडर शब्द की जगह गांव की आम बोलचाल वाले एक अन्य शब्द का इस्तेमाल हो गया था। दिलराज का आरोप है कि कुछ लोगों ने उस पूरी वीडियो में से एक छोटा सा हिस्सा ट्रिम किया और उसे गलत तरीके से मॉडिफाई कर पेश किया, जिससे समाज में गलत संदेश गया। वीडियो का विवादित हिस्सा हटाया मामला संज्ञान में आते ही उन्होंने अपने चैनल से वीडियो का वह विवादित हिस्सा तुरंत ट्रिम (हटा) कर दिया है। अपनी बात खत्म करते हुए दिलराज सिंह रावत ने हाथ जोड़कर कहा- मेरा और मेरी टीम का कभी भी किसी भी व्यक्ति, धर्म या समुदाय को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं रहा है। फिर भी अगर हमारी वजह से किसी को इतना सा भी बुरा लगा हो, तो मैं दिल से सॉरी बोलता हूं और वादा करता हूं कि भविष्य में इस बात का अच्छे से ध्यान रखा जाएगा।