डीडवाना के राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल में गर्भवती महिला के इलाज में कथित लापरवाही, गलत इंजेक्शन लगाए जाने और डॉक्टरों के अमानवीय व्यवहार के आरोपों ने शहर में आक्रोश पैदा कर दिया है। ‘नेशनल एंटी करप्शन एंड ऑपरेशन कमेटी ऑफ इंडिया’ ने मामले को गंभीर बताते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारियों को एपीओ करने की मांग की है। 27 अप्रैल को जांच के लिए पहुंची थी गर्भवती महिला संगठन द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, 27 अप्रैल को मोडीयावट निवासी अनुसूचित जनजाति की एक गर्भवती महिला जांच के लिए राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल पहुंची थी। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद एक डॉक्टर ने आवश्यक जांच किए बिना महिला को मैग्नीशियम सल्फेट का इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद तुरंत महिला को सीकर रेफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिससे परिजनों में घबराहट फैल गई। सीनियर डॉक्टर ने रिपोर्ट सामान्य बताई परिजनों का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर एक सीनियर डॉक्टर से परामर्श किया। जांच रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर ने रिपोर्ट सामान्य बताई और कहा कि महिला का इलाज डीडवाना अस्पताल में ही संभव है। इस जानकारी के बाद परिजनों को उम्मीद जगी कि महिला का इलाज स्थानीय स्तर पर हो जाएगा। ऑपरेशन थिएटर ले जाने के बाद इलाज से इनकार का आरोप शिकायत में बताया गया है कि दोपहर करीब 3 बजे महिला को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, लेकिन वहां संबंधित डॉक्टर ने इलाज करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि डॉक्टर नाराजगी जताते हुए ऑपरेशन थिएटर से बाहर चले गए, जिससे महिला और उसके परिजन तनाव में आ गए। पीएमओ पर दबाव बनाने के आरोप ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब परिजन पीएमओ डॉ. अजीत सिंह शेखावत से मिले तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद देर रात करीब 12 बजे पीएमओ वार्ड में पहुंचे और परिजनों व अन्य डॉक्टरों पर दबाव बनाया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसी दबाव के चलते गर्भवती महिला को सीकर रेफर कर दिया गया। महिला और नवजात की जान को खतरे की आशंका संगठन ने आरोप लगाया है कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने और समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण महिला और उसके नवजात शिशु की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। इस पूरे मामले को लेकर संगठन के जिलाध्यक्ष एडवोकेट मनोहर धाणका सहित अन्य पदाधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई है। इन डॉक्टरों को हटाने की मांग संगठन ने मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पीएमओ डॉ. अजीत सिंह शेखावत, डॉ. अरविंदर और डॉ. प्रदीप बुगालिया को तत्काल पद से हटाकर एपीओ (Awaiting Posting Order) करने की मांग की है।इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच करवाकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी रखी गई है। ज्ञापन सौंपते समय मौजूद रहे कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट असलम खां सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। अब शहरवासियों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि इस संवेदनशील मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।
