कलेक्टर देशलदान ने शहर के हाउसिंग बोर्ड स्थित केवीएसएस में बने गेहूं खरीद केंद्र और राजस्थान राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अनाज की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और किसानों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। कलेक्टर देशलदान ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा की जा रही अनाज की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदे गए अनाज की स्टॉकिंग और रिकॉर्ड कीपिंग के तरीकों की भी बारीकी से जांच की। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और मध्याह्न भोजन योजना (MDM) के लिए खाद्यान्न के उठाव और वितरण की प्रक्रिया को भी समझा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने और भूमि आवंटन से जुड़े मामलों को समय पर निपटाने के निर्देश भी दिए गए। खरीद केंद्रों पर कुछ किसानों द्वारा गिरदावरी में शून्य की प्रविष्टि जैसे मुद्दे कलेक्टर के संज्ञान में लाए गए। इस पर उन्होंने राजस्व टीम को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया ताकि विसंगतियों को दूर किया जा सके और अधिक से अधिक किसानों को एमएसपी का लाभ मिल सके। इस अवसर पर कलेक्टर देशलदान ने कहा कि हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनके अनाज का सही मूल्य मिले और सरकारी गोदामों में अनाज का भंडारण सुरक्षित और व्यवस्थित हो। उन्होंने अधिकारियों को पूरी निष्ठा से काम करने और किसी भी स्तर पर कोताही न बरतने के निर्देश दिए।