बीकानेर। असत्य पर सत्य की जीत, अधर्म पर धर्म की विजय और बुराई पर अच्छाई के प्रतीक पर्व विजयदशमी ने बीकानेर को गुरुवार को रामायण काल की स्मृतियों में लौटा दिया। चारों ओर जयश्रीराम के उद्घोष गूंजे, झांकियों में रामकथा जीवंत हुई और आसमान आतिशबाजी से जगमगा उठा। रावण के दहन के साथ यह संदेश भी फिर ताजा हुआ कि चाहे दौर डिजिटल युग का हो या त्रेता काल का, अहंकार और अन्याय अंततः राख ही होते हैं।