बांसवाड़ा में 5 दिन से लापता पति-पत्नी की लाश घर से 300 मीटर दूर कुएं में पड़ी मिली। ग्रामीण कुएं के पास भैंस चरा रहा था, इसी दौरान उसे भयंकर बदबू आई और उसने कुएं में झांक कर देखा तो दोनों के शव पानी में दिखाई दिए। सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। खाट से रस्सी बांधकर शवों को ऊपर लाया गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों ने पारिवारिक कलह और बच्चा न होने के कारण डिप्रेशन में आने से सुसाइड किया है। फिलहाल मामले में जांच जारी है। मामला बांसवाड़ा के अरथूना थाना क्षेत्र के गोवलिया का शनिवार सुबह 8 बजे का है। देखिए कुएं में पड़े शव DSP बाबूलाल ने बताया- मुकेश पारगी (34) और उसकी पत्नी धापू (25) का शव कुएं में मिला था। दोनों ने कुएं में कूदकर जान दे दी है। मामले में परिजनों ने रिपोर्ट नहीं दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक कलह का है। दोनों के कोई संतान नहीं थी, ऐसे में दोनों डिप्रेशन में चल रहे थे। इसके चलते दोनों ने सुसाइड की आशंका है। झाड़ियों से घिरे कुएं में मिले शव SHO मीणा ने बताया- मुकेश और पत्नी धापू 21 अप्रैल की रात बिना बताए घर से निकले थे। अगली सुबह जब दोनों घर पर नहीं मिले, तो परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में उनकी तलाश की। कोई सुराग नहीं मिलने पर 22 अप्रैल को अरथूना थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। शनिवार सुबह पांचवें दिन दोनों के शव घर के पास ही झाड़ियों से घिरे एक कुएं में मिले। कुएं से आ रही थी भयंकर बदबू SHO ने बताया- कुएं के आसपास घनी झाड़ियां होने के कारण किसी की नजर अंदर नहीं पड़ी। शनिवार सुबह के ग्रामीण यहां अपनी भैंस चराने लगाया था। उसे बहुत तेज बदबू आई। ऐसे में उसने कुएं में झांक कर देखा तो दोनों के शव नजर आए। सूचना पर ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को कुएं से बाहर निकलवाया। शवों की स्थिति को देखते हुए उन्हें पोस्टमार्टम के लिए बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल भेजा गया। मुकेश-धापू की शादी 4 साल पहले हुई थी। दोनों के संतान नहीं थी मुकेश के बड़े भाई कांतिलाल ने बताया- मुकेश मुंबई में काम करता था और 19 अप्रैल को ही गांव आया था। 21 अप्रैल की रात को जब दोनों घर से निकले, तब मुकेश अपना मोबाइल और पर्स घर पर ही छोड़ गया था। दोनों के कोई संतान नहीं थी।
