रेल मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में पंजाब के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत और पुनर्वास के लिए धन की कोई कमी नहीं है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब सरकार के पास राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) के तहत पहले से ही 12,589 करोड़ रुपए उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार द्वारा 805 करोड़ रुपए की राशि तुरंत जारी की गई थी। प्रधानमंत्री ने पंजाब दौरे के दौरान 1600 करोड़ रुपए के प्रारंभिक राहत पैकेज की भी घोषणा की थी। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों में से एक सरूपवाला में मीडिया से बात करते हुए रवनीत सिंह ने कहा, “पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है। पंजाबियों ने हमेशा देश के लिए लड़ाई लड़ी है और भारत की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ रहे हैं। पंजाब अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौंपे जब आज पंजाब भीषण बाढ़ के संकट से जूझ रहा है, तब केंद्र सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी ताकि पंजाब को फिर से सामान्य स्थिति में लाया जा सके।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार को अपनी बाढ़ क्षति की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपनी चाहिए। केंद्र अपनी रिपोर्ट और पंजाब सरकार की रिपोर्ट का मिलान करेगा और यदि आवश्यकता पड़ी तो अतिरिक्त धन भी तुरंत जारी किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने सरूपवाला गांव में राहत सामग्री वितरित की और स्थानीय निवासियों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों के पहले चरण में 1,209 गांवों, 39 विधानसभा क्षेत्रों, 105 मंडलों और 14 जिलों में सहायता पहुंचाई जा रही है। अब तक 300 ट्रकों के माध्यम से 31,000 परिवारों को राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है। दूसरे चरण में 1,25,000 परिवारों को कवर किया जाएगा। सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं और दवाएं वितरित की जा रही हैं। जालंधर में आठ गोदाम (वेयरहाउस) बनाए गए हैं, जहां से राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
