मानसा जिले में चावल मिलिंग का काम प्रभावित होने के विरोध में शेलर मालिकों और मजदूर संगठनों ने जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (पनग्रेन) के खिलाफ नारेबाजी की और समस्या के तत्काल समाधान की मांग की। प्रदर्शन में शामिल शेलर एसोसिएशन और पंजाब प्रदेश पल्लेदार यूनियन के नेताओं ने बताया कि गांव भैणी बाघा स्थित डबल ए गोदामों में लंबे समय से मिलिंग नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोदाम मालिक ने मिलिंग करवाने से इनकार कर दिया है, जिसके कारण मजदूरों और शेलर मालिकों में रोष है। गोदाम मालिक अपने वादे से मुकरे नेताओं ने जानकारी दी कि ये गोदाम पनग्रेन के साथ एक समझौते के तहत चल रहे थे। पहले यह तय हुआ था कि गोदाम खाली होने के बाद उन्हें दोबारा चावल के भंडारण और मिलिंग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन अब गोदाम मालिक अपने वादे से मुकर गया है। 60 प्रतिशत मिलिंग का काम पूरा उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में लगभग 60 प्रतिशत मिलिंग का काम पूरा हो चुका है, जबकि मानसा जिले में यह आंकड़ा केवल 30 प्रतिशत के आसपास है। यह स्थिति चिंताजनक है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें इन गोदामों में दोबारा चावल रखने और मिलिंग करने की अनुमति नहीं दी जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले गेहूं सीजन में पल्लेदार यूनियन काम का बहिष्कार करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर शेलर मालिक मुकेश गोयल, रोबिन मित्तल और मजदूर नेता शिंदरपाल सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
