आने वाले कुछ सालों में प्रदेश बीजेपी का करीब 36 साल पुराना पता बदल जाएगा। पार्टी ने प्रदेश कार्यालय के लिए मानसरोवर में जमीन चिन्हित कर ली है। इसके आवंटन की फाइल यूडीएच विभाग तक पहुंच गई है। आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइल सीएमओ को भेजी जाएगी। सीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद बीजेपी के पक्ष में जमीन का आवंटन होगा। भूमि आवंटन नीति-2025 के तहत किसी भी राष्ट्रीय पार्टी को आरक्षित दर से कम पर प्रदेश में किसी एक जगह 6 हजार वर्ग मीटर जमीन आवंटित हो सकती है। इसी तर्ज पर कांग्रेस सरकार में कांग्रेस पार्टी को भी मानसरोवर में ही जमीन आवंटित हो चुकी है। जयपुर सहित चार जिलों के लिए जमीन की खोज प्रदेश कार्यालय के अलावा जयपुर, सवाईमाधोपुर, झुंझुनूं और झालावाड़ जिला कार्यालयों के लिए भी पार्टी जमीन की तलाश कर रही है। इसे लेकर संबंधित विभाग को आवंटन के लिए आवेदन किया गया है। जमीन चिन्हित होने के बाद इन जिला कार्यालयों को भी जमीन आवंटित होगी, जिसके बाद यहां भवन निर्माण का कार्य शुरू होगा। बीजेपी के 7 जिला कार्यालय बनकर तैयार प्रदेश बीजेपी ने साल 2020 में ही सभी जिला कार्यालयों के लिए जमीन चिन्हित करके भवन निर्माण करने का कार्य शुरू कर दिया था। पिछले 6 सालों में 22 जिलों में जिला कार्यालय बनकर तैयार हैं। 15 जिलों में कार्यालयों में पार्टी का दफ्तर शिफ्ट हो चुका है। लेकिन 7 जिला कार्यालयों को अभी उद्घाटन का इंतजार है। इसमें टोंक, बूंदी, प्रतापगढ़, बाड़मेर, चुरू, डूंगरपुर और पाली जिले शामिल हैं। बताया जा रहा है कि मई माह में बीजेपी के नव नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का राजस्थान दौरा बन रहा है। उस समय इन कार्यालयों का उद्घाटन होगा। इसके अलावा कोटा, बारां और जालोर जिले में भवन निर्माण का काम शुरू हो चुका है। वहीं दौसा, करौली, जोधपुर और सिरोही में जमीन चिन्हित की जा चुकी है। 36 सालों से वर्तमान भवन में हो रहा संचालित जनसंघ के बाद साल 1980 में बीजेपी बनने के बाद पहले प्रदेश कार्यालय का पता सी-6, जालूपुरा था। ये भवन विधायक कैलाश मेघवाल के नाम आवंटित था। वर्तमान में जहां बीजेपी का प्रदेश कार्यालय संचालित है, कभी यहां पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत रहा करते थे। दूसरी बार सीएम बनने के बाद भैरों सिंह शेखावत ने अपने इस सरकारी आवास को बीजेपी कार्यालय बना दिया। फरवरी 1990 से आज तक यही बीजेपी का स्थाई पता है। यह दफ्तर इतने सालों से अपने सियासी इतिहास को समेटे हुए है। बताया जाता है कि पूरे देश में केवल इसी कार्यालय में काले गणेश जी की प्रतिमा स्थापित है। इस कार्यालय में वास्तु को ध्यान में रखकर प्रदेश अध्यक्ष का नया कक्ष भी बनवाया गया था, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी का मुंह पूर्वमुखी किया गया था, साथ ही ईशान कोण समेत अन्य वास्तु से जुड़ी बारीकियों का ध्यान भी रखा गया था।