मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक हब भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा) में साफ दिखने लगा है। देश के तीसरे सबसे बड़े औद्योगिक क्लस्टर के रूप में मशहूर इस इलाके में ईंधन (LPG/PNG) की किल्लत ने उद्योगपतियों के होश उड़ा दिए हैं। खुशखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया की स्थिति यह है कि सप्लाई न मिलने से करोड़ों की मशीनें शांत पड़ गई हैं। 400 फैक्ट्रियों पर ताला लटकने की नौबत आ गई है। करीब 25 हजार मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यहां 5 हजार से ज्यादा स्टील, इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर ग्रिड प्रोडक्ट की फैक्ट्रियां हैं। 15 से 20 कंपनियों में पूरी तरह प्रोडक्शन बंद
भिवाड़ी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIIA) के अध्यक्ष प्रवीण लांबा ने बताया- भिवाड़ी में सीएनजी और पीएनजी गैस पर चल रही 400 में से 230 कंपनियां हरियाणा सिटी गैस से पीएनजी ले रही हैं। 20 कंपनियां गेल से सीधा पीएनजी ले रही हैं, जबकि 50-60 कंपनियों के डीजी सेट (डीजल से चलने वाले इंजन) पूरी तरह गैस पर कन्वर्ट हो चुके हैं। 70 कंपनियां एग्रो बेस्ड हैं। इनमें से गैस की कमी के कारण 15 से 20 कंपनियों ने पूरी तरह प्रोडक्शन बंद कर दिया है। सबसे ज्यादा असर प्लाई बोर्ड और सनमाइका बनाने वाली कंपनियों पर पड़ा है। करीब 50-60 ऐसी कंपनियां है, जिन्होंने 50 प्रतिशत प्रोडक्शन कम कर दिया है। ये कंपनियां पहले तीन शिफ्टों में चल रही थीं। अब केवल एक शिफ्ट पर आ गई हैं। 30 दिन से एक शीट नहीं बनी, 1500 करोड़ का फटका
भिवाड़ी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIIA) के मुताबिक, गैस की कमी से अब तक करीब 1500 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। गेल (GAIL) ने सप्लाई में भारी कटौती की है। 20 बड़ी फैक्ट्रियां पूरी तरह बंद
400 में से करीब 20 बड़ी फैक्ट्रियां पूरी तरह बंद हो चुकी हैं, जबकि 60 से ज्यादा कंपनियों ने अपना प्रोडक्शन 50% तक घटा दिया है। कच्चे माल के दाम आसमान पर युद्ध ने सिर्फ गैस की सप्लाई ही नहीं रोकी, बल्कि केमिकल्स के दाम भी दोगुने कर दिए हैं। सनमाइका और प्लाई बोर्ड बनाने वाले उद्योगों पर दोहरी मार पड़ी है। इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें महंगी हो गई हैं। टूट रही हैं बड़ी डील
वैशाली इलेक्ट्रोड के मालिक रजनीश गोयल की मानें तो प्रोडक्शन मात्र 40% रह गया है। पुराने ऑर्डर पूरे नहीं हो रहे, जिससे कई बड़ी डील टूट गई हैं। खुशखेड़ा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के सचिव मयंक अग्रवाल कहते हैं- पूरे देश में हमारी सप्लाई है, लेकिन जब माल बन ही नहीं रहा तो भेजें क्या? बाजार में साख खराब हो रही है। बर्बाद हो जाएंगे उद्योग
उद्योगपतियों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो पीढ़ियों की मेहनत से खड़े किए गए ये उद्योग पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। मजदूरों को बिना काम दे रहे सैलरी
सुपर माइका प्राइवेट लिमिटेड के जीएम विजय शर्मा बताते हैं- मेरे दोनों प्लांट बंद पड़े हैं। 30 दिन से एक भी सनमाइका शीट नहीं बनी है। हम मजदूरों को बिना काम के सैलरी देकर रोक रहे हैं, ताकि वे पलायन न करें। रोटी बन रही है, सब्जी के पैसे नहीं
फैक्ट्रियों में काम ठप होने से मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सुपर माइका कंपनी के कारीगर राज कहते हैं- मालिक पेमेंट दे रहे हैं इसलिए रुके हैं, वरना चले जाते। यहां खाना बनाने के लिए गैस नहीं मिल रही। 1 किलो गैस के 400 रुपए तक मांगे जा रहे हैं। हम हफ्ते में सिर्फ 2-3 दिन सब्जी बनाते हैं, बाकी दिन आचार या छाछ से रोटी खाते हैं। उद्योगों को 55 प्रतिशत ही गैस की सप्लाई
BIIA के अध्यक्ष प्रवीण लांबा ने बताया- हाल ही में उद्योगों को गैस वितरण करने वाली सरकारी कंपनी गेल (GAIL-Gas Authority of India Limited) की ओर से तीन बार मेल भेजा गया। पहली बार 10 मार्च को बताया गया कि अब उद्योगों को पिछले 6 महीनों की खपत का सिर्फ 80% गैस मिलेगी। इसके बाद 20 मार्च को अपडेट आया कि अब 65 फीसदी ही गैस सप्लाई होगी। आखिरी मेल 26 मार्च को आया है। इसमें बताया कि अब उद्योंगों को सिर्फ 55 प्रतिशत ही गैस मिलेगी। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जबतक अगला अपडेट नहीं आ जाता। ———– युद्ध के असर वाली ये खबरें भी पढ़िए… राजस्थान में फैक्ट्रियां बंद, 1000 करोड़ के ऑर्डर अटके, पोर्ट पर माल फंसा, शिपिंग चार्ज 6 गुना बढ़ा, 2 लाख मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट रूस-यूक्रेन के बाद अब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने राजस्थान की औद्योगिक इकाइयों की कमर तोड़ कर रख दी है। रेड सी और हॉर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई चेन बाधित होने से प्रदेश के मार्बल, ग्रेनाइट और टेक्सटाइल सेक्टर में हाहाकार मचा है। पूरी खबर पढ़िए… राजस्थान में फैक्ट्रियां खालीं, टूरिस्ट भी नहीं आ रहे, व्यापारी बोले- काम बंद, मजदूर गए ईरान-इजराइल युद्ध से उदयपुर का हैंडीक्राफ्ट बिजनेस भी प्रभावित हुआ। व्यापारियों का दावा है कि इसका असर लंबा चलने वाला है। पूरी खबर पढ़िए… राजस्थान में बंद हो सकती हैं सैकड़ों फैक्ट्रियां, हजारों मजदूरों को छुट्टी पर भेजा अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते कोटा के सैंड स्टोन, राइस और मसाला इंडस्ट्रीज प्रभावित हुए हैं। डिमांड घटने से करीब 150 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट अटक गया है। पूरी खबर पढ़िए…
