मानसा जिले में ओलावृष्टि और भारी बारिश से प्रभावित गेहूं की फसल की गुणवत्ता जांचने के लिए केंद्रीय टीम ने मंडियों का दौरा किया। डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर ने टीम के साथ भीखी और सरदूलगढ़ अनाज मंडियों का जायजा लिया। केंद्रीय टीम ने मंडियों में पहुंचे गेहूं के नमूने एकत्र किए। टीम ने नमी, दानों की स्थिति और रंग की प्राथमिक जांच की। इन नमूनों को आगे की लैब जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा जाएगा।डीसी नवजोत कौर ने बताया कि खराब मौसम के कारण कई स्थानों पर गेहूं के दाने काले पड़ गए हैं या सिकुड़ गए हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ओलावृष्टि से प्रभावित फसल की खरीद जल्द शुरू की जाएगी उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी किसान को आर्थिक नुकसान न हो। डीसी ने कहा कि प्रभावित फसल की खरीद पर सरकार का फैसला किसानों के हित में होगा। डीसी ने यह भी बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्ता वाली फसल की खरीद जारी है। ओलावृष्टि से प्रभावित फसल की खरीद भी जल्द शुरू कर दी जाएगी। पंजाब सरकार किसानों की फसल के एक-एक दाने की खरीद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंडियों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे इस दौरान केंद्र सरकार के खाद्य एवं वितरण विभाग की तकनीकी अधिकारी अनुपमा कुमारी, अभिषेक पांडे और एफसीआई के एजीएम क्वालिटी कंट्रोल विनय कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि जिले की विभिन्न मंडियों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।