उदयपुर के शक्तिनगर इलाके में रहने वाले 8 परिवारों को सोमवार को बड़ी राहत मिली। 3 साल से अपने हक के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे इन परिवारों की फाइल पर आखिरकार राज्य सरकार ने मुहर लगा दी है। शक्तिनगर में सड़क चौड़ी करने (बोटलनेक खोलने) के लिए जिन लोगों के मकान लिए गए थे, अब उन्हें उनके बदले में नए प्लॉट आवंटित करने के आदेश जारी हो गए हैं। यह पूरा मामला करीब 3 साल पहले शुरू हुआ था। उस समय के विधायक गुलाबचंद कटारिया और तत्कालीन महापौर जीएस टांक ने शक्तिनगर के संकरे रास्ते को खोलने की योजना बनाई थी। इस रास्ते में कुछ लोगों के मकान आ रहे थे। नगर निगम ने इन मकानों को अधिग्रहित किया और मालिकों को भरोसा दिया कि उन्हें इसके बदले में दूसरी जगह जमीन दी जाएगी। लोगों ने शहर के विकास के लिए सहमति दे दी और निगम ने वहां 30 फीट चौड़ी सड़क बना दी। लेकिन सड़क तो बन गई, पर प्रभावित परिवार अपने प्लॉट के लिए जयपुर से लेकर उदयपुर तक भटकते रह गए। जब शहर विधायक ताराचंद जैन के पास यह मामला पहुंचा, तो उन्होंने इसे प्राथमिकता पर लिया। जांच में पता चला कि फाइल जयपुर में स्वायत्त शासन विभाग में अटकी हुई है और इसे आगे बढ़ाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी है। विधायक जैन ने न केवल अधिकारियों से संपर्क किया, बल्कि विभाग के प्रमुख शासन सचिव को खुद मौके पर ले जाकर स्थिति दिखाई। उन्होंने अफसरों को प्रभावित परिवारों से मिलवाया और उनकी पीड़ा बताई कि कैसे 3 साल से वे बेघर जैसे हालात में हैं। विधायक की इस सक्रियता और लगातार पैरवी का असर हुआ कि कैबिनेट की बैठक में इन परिवारों को भूखंड देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई। सरकार के आदेश के मुताबिक, इन 8 प्रभावितों में से 4 लोगों को हिरणमंगरी सेक्टर 11 की योजना में प्लॉट मिलेंगे, जबकि बाकी 4 लोगों को नगर निगम परिसर में ही जमीन दी जाएगी।
हालांकि, इन भूखंडों के लिए प्रभावितों को डिफरेंस अमाउंट जमा करवाना होगा। आदेश के अनुसार, सुनील कालरा, कमला देवी और लाजवंती देवी को सेक्टर 11 में प्लॉट मिलेगा, जिसके लिए उन्हें 5 लाख 73 हजार 302 रुपए जमा करने होंगे। पुरुषोत्तम लीलानी को निगम परिसर में भूखंड मिलेगा और उन्हें 1 लाख 24 हजार 916 रुपए देने होंगे। इसी तरह ओमप्रकाश डोडेजा को निगम परिसर के प्लॉट के लिए 9 लाख 13 हजार 193 रुपए, संजय पाहूजा को 69 हजार 910 रुपए और स्वरूप, विनोद, अनूप व गौरव तुलसीजा को 1 लाख 69 हजार 307 रुपए जमा कराने होंगे। सेक्टर 11 में प्लॉट पाने वाले अन्य लोगों में नंदलाल बुधराज (16.34 लाख), मनोज कालरा (14.79 लाख) और सुजाता कालरा (17.35 लाख) शामिल हैं। इस फैसले से प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है।