सरिस्का के कर्मचारी ही टाइगर के प्राइवेट पलों (मेटिंग) के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया अकाउंट पर लगा रहे हैं। जैसे ही इसकी सूचना अन्य अधिकारियों तक पहुंची तुरंत वीडियो हटा दिया गया। लेकिन लोगों तक पहुंच गया। दरअसल, सरिस्का के जंगल में दो दिन (11 अप्रैल) पहले वन विभाग के किसी अधिकारी को सफारी करवाई गई। वनकर्मी अधिकारी को टाइगर-टाइग्रेस की मेटिंग की जगह लेकर पहुंच गए। उन्होंने काफी नजदीक जाकर वीडियो बनाए। वीडियो में अधिकारी व कर्मचारी भी हल्के से नजर आ रहे हैं। एक कर्मचारी ने मेटिंग करते हुए का वीडियो खुद के सोशल अकाउंट पर लगा दिया। जैसे ही खबर अफसरों तक पहुंची। कर्मचारी ने तुरंत वीडियो को हटा दिया। सरिस्का के सीसीएफ संग्राम सिंह ने बताया- वीडियो देखा है। जिस भी कर्मचारी व अधिकारी ने मेटिंग के समय जिप्सी को वहां ले जाने का निर्णय लिया है। उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। वीडियो बनाकर वायरल करना भी गलत है। सरिस्का में कैमरे ले जाने की परमीशन नहीं दरअसल, सरिस्का के जंगल में टूरिस्ट को सफारी के दौरान कैमरे नहीं ले जाने दिए जाते। दूसरी तरफ रणथम्भौर टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट से आए दिन टाइगर की साइटिंग के वीडियो सामने आते हैं। इससे वहां टूरिस्ट का आकर्षण बना हुआ है। रणथम्भौर से पीछे रखने की साजिश के आरोप टूरिस्ट व वन्य जीव प्रेमी अलवर के सरिस्का के जंगल को रणथम्भौर से जानबूझकर पीछे रखने की साजिश के आरोप लगाते रहे हैं। पहले होटल इंडस्ट्री को खड़ा नहीं होने दिया गया। अब यह नियम लेकर आ गए कि टाइगर की फोटो वीडियो मोबाइल कैमरे से नहीं कर सकेंगे। इस दौर में 99 प्रतिशत टूरिस्ट मोबाइल कैमरे ही लेकर चलते हैं। इस कारण सरिस्का में टाइगर की साइटिंग के वीडियो आना कम हो गए। जिससे टूरिस्ट का आकर्षण कम हुआ है। रणथम्भौर के जंगल से बराबर टाइगर सफारी पर साइटिंग के वीडियो आ रहे हैं। मतलब वहां कैमरे के मोबाइल से खूब फोटो वीडियो बन रहे हैं।