भीलवाड़ा में श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने व्यास पीठ आरती के बाद कथा की शुरुआत की। उन्होंने गुरु की महिमा बताते हुए कहा- क्या मतलब जब हमने गुरु मंत्र तो ले लिया, लेकिन गुरु मत ही नहीं हुए। शिवकथा कह रही हैं कि मंत्र से ज्यादा जरूरी है गुरु के मत। गुरु के विचार, गुरु क्या कहते हैं, उन विचारों को जीवन में उतरना जरूरी है। आज आप और हम क्या करने में लगे हैं, केवल यह विचार करने में लगे कि हमें मंत्र मिल गया और हम पार उतर जाएंगे। नहीं, गुरु के मंत्र से ज्यादा जरूरी जीवन में गुरु के मत और गुरु के विचार का होना है। उन्होंने भक्तों को कंकड़ शंकर पर आस्था रखते हुए एक लोटा जल चढ़ाने का भी संदेश दिया। कथा सुनने के लिए आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, ऐसे में श्रद्धालुओं को एक्स्ट्रा टेंट लगाने पड़े। चौथे दिन कथा का समापन भगवान शिव की आरती के साथ हुआ। आरती में महंत बाबू गिरी, चित्तौड़गढ़ विधायक चन्द्रभान आक्या, पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, पूर्व सभापति ओम नरानीवाल सहित भक्तजन मौजूद रहे। जिले के मेडिसिटी ग्राउंड में यह कथा 14 अप्रैल तक दोपहर 2 से 5 बजे तक चलेगी । PHOTOS में देखिए श्री शिव महापुराण कथा कथा में बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या चौथे दिन कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हर दिन भीड़ बढ़ रही है और दूर-दराज जिलों के लोग भी लगातार कथा सुनने आ रहे हैं। कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने भक्तों के पत्र पढ़े। इनमें लोगों ने बताए गए उपायों से जीवन में हुए बदलावों का जिक्र किया। धूप में बैठकर भी कथा सुनते रहे लोग कई श्रद्धालु आगे बैठने के लिए तेज धूप में भी छाता लगाकर कथा सुनते नजर आए। उनका कहना है कि आस्था के आगे गर्मी या अन्य परेशानी मायने नहीं रखती। बढ़ती गर्मी को देखते हुए आयोजकों ने डोम के बाहर अतिरिक्त टेंट लगाया। इससे श्रद्धालुओं को धूप से राहत मिली और अधिक लोग आराम से कथा सुन सके। विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे श्रद्धालु भीलवाड़ा के साथ चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर, जोधपुर, नागौर जिलों के अलावा राजस्थान के बाहर से महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग कथा में शामिल हो रहे हैं। शारीरिक समस्या के बावजूद पहुंच रहे लोग कई श्रद्धालु शारीरिक परेशानी के बावजूद कथा स्थल तक पहुंच रहे हैं और पूरे मन से कथा सुन रहे हैं।
