कानूनी अड़चनों से बचने के लिए कुख्यात तस्कर ने अपनी बेशकीमती संपत्ति लिव इन पार्टनर के नाम करवा दी। प्लॉट पर 6 सालों में आलीशान कोठी बनाई। लेकिन पुलिस की सख्त निगरानी और जांच में पकड़ा गया। इसके बाद करीब 50 लाख की कोठी शनिवार को फ्रीज कर दी गई। मामला नागौर जिले के सुरपालिया थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए- तस्कर के आलीशान घर की तस्वीरें आरोपी के खिलाफ पेश हो चुकी चार्जशीट
सुरपालिया थानाधिकारी सुमन कुलहरी ने बताया कि जानेवा निवासी बहादुर सिंह उर्फ समीर कुख्यात तस्कर रहा है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत स्मैक सप्लाई के दो मामले बीकानेर जिले के पांचू थाना में दर्ज थे, इनमें पुलिस पहले ही चार्जशीट कोर्ट में पेश कर चुकी है। हालांकि दोनों ही मामले 6 साल पुराने हैं। ​पुलिस जांच में सामने आया कि बहादुर सिंह ने तस्करी के जरिए अर्जित कमाई से पिछले 6 सालों के में एक आलिशान मकान का निर्माण करवाया था। कानूनी अड़चनों से बचने के लिए यह संपत्ति अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर्ड करवाई थी। नई दिल्ली से मिले आदेशों के बाद कार्रवाई
पुलिस ने संपत्ति के पूरे दस्तावेज और सबूत जुटाकर नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। इसके बाद प्राधिकारी ने संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश दिए है। इन्हीं आदेशों की पालना में सुरपालिया थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तस्कर की संपत्ति को फ्रीज करने की औपचारिक कार्रवाई पूरी की। अब संपत्ति का बेचान नहीं किया जा सकेगा और यह संपत्ति प्रशासनिक निगरानी के अधीन रहेगी। आलीशान मकान की कीमत करीब 50 लाख रुपए
सुरपालिया थानाधिकारी सुमन कुलहरी ने बताया कि आरोपी बहादुर सिंह ने मादक पदार्थों की तस्करी से हुई कमाई से ही यह आलिशान मकान बनवाया था। इसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा है। इस मकान को आज 68F के तहत कार्रवाई करते हुए मकान को सीज किया गया है। नागौर एसपी रोशन मीना का कहना है- नागौर जिले में अपराधियों विशेषकर नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे अपराधियों में कानून का भय रहे। अवैध तरीके से कमाई कर बनाए गए मकान को फ्रीज कर दिया है।