नई दिल्ली मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार राजस्थान में इस साल भीषण गर्मी नहीं होगी। दिन का तापमान और लू का असर भी हर साल की तुलना में काफी कम रहेगा। मंगलवार (31 मार्च) को जारी पूर्वानुमान के अनुसार रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार इस बदलाव का प्रमुख कारण ज्यादा संख्या में आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और बारिश है। इस साल मार्च में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर रहा। करीब 20 दिन तक रुक-रुककर हुई बरसात और ओले गिरने से गर्मी कंट्रोल में रही। इस सीजन हीटवेव से भी मिलेगी राहत इस बार दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण हीटवेव के दिन भी सामान्य से बहुत कम रहने का अनुमान है। जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा संभाग के एरिया में सबसे कम हीटवेव चलेगी। बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर में सामान्य या उससे थोड़े ज्यादा दिन हीटवेव का असर रहेगा। यहां दिन का तापमान 47 से 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, लेकिन इस साल ये कम रहेगा। कब चलती है हीटवेव? मौसम विज्ञान केन्द्र ने सामान्य से 5 डिग्री अधिक तापमान में चलने वाली गर्म और सूखी हवा को हीटवेव की श्रेणी में रखता है। अधिकतम तापमान 47 डिग्री के पार पहुंचने पर चलने वाली गर्म हवा को गंभीर हीटवेव माना जाता है। एक्सपर्ट के अनुसार हीटवेव चलने का प्रमुख कारण है ग्लोबल वॉर्मिंग, बारिश या बादल का न होना और तेज धूप। हीटवेव का असर मैदानी इलाकों में सबसे ज्यादा होता है। मार्च में पारा 41 डिग्री के करीब पहुंचा, फिर गिरा इस साल मार्च के पहले 10 दिन तेज गर्मी रही। उसके बाद लगातार आए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बारिश, आंधी, ओलों ने तापमान को नियंत्रित कर दिया। बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर समेत पश्चिमी राजस्थान के अन्य इलाकों में अधिकतम तापमान 37 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। इस मार्च सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। 11-12 मार्च के बाद से आए सिस्टम से तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हुई और 32 से लेकर 38 डिग्री सेल्सियस तक आ गया और मार्च आखिरी तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। इस साल मार्च में बारिश 30 फीसदी ज्यादा लगातार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने से इस बार मार्च में भी सामान्य से ज्यादा पानी बरसा। इस सीजन एक से 30 मार्च तक सामान्य से 30 फीसदी ज्यादा बरसात हुई। मार्च में राज्य में औसत बारिश 4.2MM होती है, जबकि अब तक औसत बरसात 5.4MM हो चुकी है। सबसे ज्यादा बरसात अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, ​कोटा, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, बाड़मेर, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर और पाली जिलों में हुई है। पिछले 5 साल में मार्च में कितनी बारिश हुई? मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार साल 2020 से लेकर 2025 में मार्च के महीने में औसत बारिश 10 से 15 मिलीमीटर हुई। इनमें सबसे कम 2021 में 8MM और सबसे ज्यादा 2023 में औसतन 20MM रिकॉर्ड हुई थी।

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