‘पहले अपना घर तो सुधार लो, हम अपना घर सुधार लेंगे।’ कई नेता आते हैं, माइक पर भाषणबाजी कर चले जाते हैं। यह कहना है जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी का।
उन्होंने बाड़मेर के नेताओं और अन्य जिलों के नेताओं पर तीखा तंज कसते हुए यह बात कही।
विधायक भाटी बोले— मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि मुखिया हम है, हम दोनों विधायक (पोकरण और जैसलमेर) पूरे मन से आपके साथ हैं।’ दरअसल, उनका इशारा शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और बीजेपी बाड़मेर के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरुप सिंह खारा को लेकर है। जैसलमेर में हर मुद्दे पर बाहरी जिलों के नेताओं के आने के सवाल करने पर जैसलमेर विधायक ने उन पर तंज कसते हुए ऐसा कहा। ओरण-गोचर भूमि को बचाने के लिए चल रहा धरना
गौरतलब है कि जैसलमेर में ओरण-गोचर भूमि को बचाने के लिए चल रहा धरना तेज हो गया है। शुक्रवार 26 सितंबर को ‘ओरण संरक्षण आक्रोश रैली’ में ग्रामीणों, संतों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जहां प्रशासन को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। पिछले कई दिनों से चल रहे धरने में प्रशासन के आश्वासनों को ‘लॉलीपॉप’ बताते हुए ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। कलेक्ट्रेट के सामने धरना लगातार जारी
ओरण और गोचर भूमि पर अतिक्रमण और अवैध कब्जों के खिलाफ 26 सितंबर को शहर में ‘ओरण संरक्षण आक्रोश रैली और सभा’ का भव्य आयोजन किया गया। रैली में सैकड़ों ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और संत-महात्मा शामिल हुए। सभा के दौरान सभी ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा, जिसमें ओरण भूमि की तत्काल सीमांकन, अतिक्रमण हटाने और गोचर की रक्षा के लिए सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग की गई। जैसलमेर और पोकरण के विधायकों ने भी मंच से प्रशासन को चेतावनी दी। इसके बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मामला गंभीरता से लिया जाएगा और जल्द समाधान निकाला जाएगा। ओरण बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने साफ शब्दों में कहा, “प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने हमें लॉलीपॉप थमा दिया है। हम इससे नहीं मानेंगे। अब हमारा और बड़ा आंदोलन होगा, जिसमें पूरे जिले के किसान-चरवाहे सड़कों पर उतरेंगे।” ग्रामीणों का कहना है कि बिना ठोस कार्रवाई के यह संघर्ष थमेगा नहीं, क्योंकि ओरण उनकी आजीविका का आधार हैं। हम मुख्यमंत्री से मिलेंगे, अच्छा फैसला लेंगे- विधायक छोटू सिंह भाटी
जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी ने कहा- “धरना क्यों चल रहा है, यह आप सभी को पता है। कई नेता आते हैं, माइक पर भाषणबाजी कर चले जाते हैं। लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम दोनों विधायक (पोकरण और जैसलमेर) पूरे मन से आपके साथ हैं।” उन्होंने वादा किया कि कमेटी को साथ लेकर, संगठन, बुद्धिजीवी, बुजुर्गों और जानकार लोगों को शामिल किया जाएगा। “हम मुख्यमंत्री जी से बैठक लेंगे और जो अच्छा फैसला होगा, वही लेंगे। आपकी हर मांग पूरी होगी।” भाटी ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल जैसलमेर का नहीं, बल्कि पूरे मारवाड़ क्षेत्र का मुद्दा है। उन्होंने कहा, “हमने पहले ही दो फाइलें भेजी हैं और और भी भेजेंगे। हमने जमीनी स्तर पर गोचर भूमि को लेकर काम किया है, जबकि कुछ लोग केवल वादे करते हैं।” बाड़मेर के नेताओं पर कसा तंज
इस दौरान छोटूसिंह भाटी ने बाड़मेर के नेताओं पर निशाना साधा। बाड़मेर में भी गोचर भूमि की समस्या बरकरार है, लेकिन वहां के नेताओं पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए भाटी ने कहा, “वो नेता करते तो वही कर लेते। गोचर भूमि तो वहां भी है। यहां आकर एक दिन में वापस चले गए घर।” बिना नाम लिए उन्होंने तंज कसा, “मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन वो पहले अपना घर तो सुधार लेते। हम अपना घर तो सुधार लेंगे।” भाटी ने अन्य जिलों के विधायकों पर भी चुटकी ली, “अन्य विधायक पहली बार समस्या के लिए आए हैं। बाकी तो केवल 2 घंटे के लिए स्पीच देने आते हैं। आखिर घर के आदमी ही घर के काम करेंगे। आपको बोलना चाहिए कि आप क्यों आए? हमारे नेता पहले से यहां हैं। कमी उनकी है जो उन्होंने एक फीट भी जमीनी गोचर नहीं करवाई। हम तो कह सकते हैं कि हमने करवाई है।”