बीकानेर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द डोटासरा का दौरा विवाद में आ गया है। पार्टी की शहर इकाई के संगठन महामंत्री नितिन वत्सस ने डोटासरा पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा देते हुए शहर अध्यक्ष को पत्र लिखा है। दरअसल, वत्सस इस बात से नाराज थे कि प्रदेशाध्यक्ष बीकानेर में आकर भी पूर्व शहर अध्यक्ष जनार्दन कल्ला की पत्नी और पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला की भाभी के निधन पर शोक जताने नहीं गए। दरअसल, डोटासरा आज दोपहर बीकानेर आए। वो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके रामेश्वर डूडी के घर पर पहुंचे। जहां उन्होंने डूडी की कुशलक्षेम पूछी। पिछले कुछ दिनों से डूडी बीकानेर में ही है और उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। डोटासरा डूडी के निवास से वापस जयपुर के लिए रवाना हो गए। डॉ. बी.डी.कल्ला भी डोटासरा के साथ ही डूडी के आवास पर पहुंचे। उम्मीद की जा रही थी कि यहां से डोटासरा डॉ. कल्ला के निवास पर पहुंचेंगे। इसके विपरीत डोटासरा वापस निकल गए। जातिगत भेदभाव नहीं करती कांग्रेस शहर इकाई के संगठन महामंत्री वत्सस ने पार्टी के जिला अध्यक्ष यशपाल गहलोत को भेजे पत्र में कहा है कि कांग्रेस पार्टी कभी भी जातिगत भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं करती और शोक संतप्त परिवार के साथ हमेशा खड़ी रही है। बीकानेर में कांग्रेस का पर्याय माने जाने वाले जनार्दन कल्ला आज शोक संतप्त है और मुखिया होने के नाते डोटासरा का दायित्व था कि वे बीकानेर आए तो कल्ला के यहां भी जाना चाहिए था। इससे कार्यकर्ताओं को एक अच्छा संदेश जाता। ऐसे वरिष्ठ नेताओं (जनार्दन कल्ला व बीडी कल्ला) के साथ भी इस तरह का व्यवहार हो सकता है तो कांग्रेस का आम कार्यकर्ता क्या सोचेगा?