जालोर में एक नवजात झाड़ियों के बीच कांटों में पड़ा मिला। रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो सीमेंट के खाली कट्टे में रखे नवजात को निकाला। उसके शरीर पर कीड़े रेंग रहे थे और मक्खियां भिनभिना रही थीं। नवजात के शरीर में जगह-जगह कांटे चुभे हुए थे। हाथ-पैरों और सिर पर चोटों के निशान मिले हैं। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस पहुंची। बच्चे को हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उसका हालत गंभीर बनी हुई है। मामला बागोड़ा थाना क्षेत्र के धुंबड़िया गांव के पास का मंगलवार सुबह 9 बजे का है। नवजात को बागोड़ा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद जालोर अस्पताल में रेफर किया गया है। पहले घटना से जुड़ीं ये PHOTOS देखिए … रोने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीण, झाड़ियों में मिला नवजात प्रत्यक्षदर्शी अमृतलाल ने बताया- मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जवाई नदी के पास खेतों में काम कर रहे लोगों को बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। झाड़ियों में जाकर देखा तो कांटों के बीच एक कट्टे में नवजात पड़ा था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पहुंचकर कराया रेस्क्यू, अस्पताल में भर्ती बागोड़ा थानाधिकारी बलदेवराम ने बताया- सूचना के बाद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। नवजात को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बागोड़ा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। शरीर पर चोट के निशान, हालत गंभीर बागोड़ा CHC के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद बिश्नोई ने बताया- नवजात को गंभीर स्थिति में हॉस्पिटल लाया गया था। झाड़ियों में फेंके जाने के कारण उसके शरीर, हाथ-पैर और सिर पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं। साथ ही उसका शुगर लेवल भी काफी कम है। प्राथमिक उपचार के बाद हालत स्थिर होने पर उसे आगे के इलाज के लिए जालोर रेफर किया गया है और बाल कल्याण समिति को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस कर रही जांच थानाधिकारी बलदेवराम ने बताया – मामले में जांच शुरू कर दी गई है। नवजात को फेंकने वालों की तलाश की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटाई जा रही है।