नागौर बीजेपी के दो नेताओं के बीच आपसी कलह फिर खुलकर सामने आ गई है। बीजेपी नेता रिछपाल मिर्धा और डेगाना से भाजपा विधायक अजय सिंह किलक ने एक-दूसरे पर घोटाले करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पोषाहार घोटाले में 18 गिरफ्तारियों के बाद मिर्धा और किलक के बीच यह जुबानी जंग शुरू हो गई है। मिर्धा ने किलक को घोटालेबाज और चोर तक कह दिया तो जवाब में किलक ने मिर्धा के बेटे पर कोरोना काल में 10 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाते हुए पलटवार किया। मिर्धा बोले- किलक के पास करोड़ों की बेनामी संप​त्ति बीजेपी नेता रिछपाल मिर्धा ने कहा- मैंने मुख्यमंत्री के सामने भी बात रखी। अब जब ये गिरफ्तारियां हो रही हैं तो इसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही? किलक तहसीलदार रहने के समय से घोटाले कर रहे हैं। मानसरोवर में इसने एक SC की जमीन खरीदी। एक करोड़ की जमीन के केवल 10 लाख दिए और 90 लाख खा गया। मिर्धा ने कहा- किलक ने भाई के नाम जमीन कर रखी है, वह जमीन आज भी मौजूद है। किलक के पास करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति है। अजय सिंह किलक अपनी ही सरकार के खिलाफ विधानसभा में पुलिस की डिमांड पर कट मोशन लेकर आया, उसी को सरकार बचाने में लगी हुई है। किलक बोले- पोषाहार घोटाले के सबूत मौजूद रिछपाल मिर्धा के आरोपों पर बीजेपी विधायक अजय सिंह किलक ने पलटवार किया। हालांंकि किलक कैमरे पर तो नहीं आए, लेकिन उन्होंने फोन पर मिर्धा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा- पोषाहार घोटाले के दस्तावेजी सबूत हैं। विधानसभा के सवाल के जवाब में यह आया है। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए थे मिर्धा रिछपाल मिर्धा और उनके बेटे विजयपाल मिर्धा डेगाना से कांग्रेस विधायक रह चुके हैं। विजय मिर्धा ने 2018 में अजय सिंह किलक को हराकर कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीता था। वर्ष 2023 में अजय सिंह किलक ने ​कांग्रेस की टिकट पर लड़े विजपाल मिर्धा को डेगाना से चुनाव हरवाया। लोकसभा चुनाव से पहले रिछपाल मिर्धा और विजयपाल मिर्धा कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी में शामिल होने के बावजूद अजय सिंह किलक और ​रिछपाल मिर्धा के बीच सियासी लड़ाई थमी नहीं। दोनों एक-दूसरे पर सियासी हमले करते रहते हैं।

यह खबर भी पढ़ें…
पोषाहार घोटाला: महिला पर्यवेक्षक, AAO और संविदा-कर्मियों समेत 18 गिरफ्तार:एसीबी ने 8 साल बाद पूछताछ के लिए बुलाकर पकड़ा, फर्जी चालान, बिल बनाकर करोड़ों रुपए उठाए थे नागौर में करोड़ों रुपए के पोषाहार घोटाले में ACB ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें 9 महिलाएं और 9 पुरुष अधिकारी और कर्मचारी हैं। एसीबी ने सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए नागौर मुख्यालय पर बुलाया था। पूछताछ के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। (पूरी खबर पढ़ें)