अजमेर के नसीराबाद में तालाब में कूदकर सुसाइड करने वाला प्रॉपर्टी कारोबारी सुसाइड से 7 दिन पहले एसपी ऑफिस गया था। कारोबारी ने सरेंडर करने की गुजारिश की थी। ये बात उन्होंने एसपी ऑफिस में मौजूद मीडियाकर्मियों को भी बताई थी। अपने वकील चन्द्रशेखर के साथ पहुंचा था, ड्रग्स तस्करी का मामला अजमेर का नहीं होने और मुंबई पुलिस से कोई सूचना नहीं होने के कारण पुलिस ने उसे वापस भेज दिया। उसे चॉकलेट का ब्रीफकेस बता कर ड्रग्स की तस्करी करवाई गई। वकील चन्द्रशेखर ने बताया कि 12 मार्च को उसने नसीराबाद सिटी थाने व मुबई जाने की बात कहकर निकला। उसके बाद बात नहीं हुई और सुसाइड की भी जानकारी नहीं। पहले सुसाइड की कहानी… 19 मार्च को किशन दोधानी पुत्र भगवान दास लाल नसीराबाद के डिग्गी तालाब की पाल पर बैठा था। आस-पास के लोगों ने उसे बैठे देखा था। कुछ समय बाद लोगों ने देखा कि तालाब के पास जूते है और एक पत्थर पर ‘मेरी पत्नी और बच्चे माफ करें।’ लिखा है। इस पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सिटी थाना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर जाकर तालाब से शव निकाला। युवक के परिजनों को सूचना दी गई है। मृतक के परिवार में पत्नी, 12 और 8 साल की दो बेटियां हैं। कहा था- 10 दिन से छिपता फिर रहा वकील चन्द्रशेखर ने बताया कि 12 मार्च 2026 को नसीराबाद के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी किशन दोधानी पुत्र भगवान दास आया और मामला बताया तो उसे अजमेर के एसपी ऑफिस में आकर सरेंडर की राय दी। किशन ने कहा था- विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बैंकाक भेजा और वहां कुछ दिन रखने के बाद वापस बुला लिया। वहां से एक ब्रीफकेस देकर भेजा और मुंबई में किसी को दिलवा दिया। बाद में पता चला कि धोखाधड़ी कर ड्रग्स की तस्करी कराई गई थी। किशन कहते हैं कि पिछले 10 दिन से इधर-उधर छुपता फिर रहा हूं। अब सरेंडर करने के लिए आया लेकिन पुलिस ने यहां कोई मामला नहीं होने के कारण मना कर दिया। कर्जे से भी परेशान हूं। अब पढ़िए 12 मार्च की पूरी कहानी… दावा: विदेश में नौकरी का झांसा दिया किशन दोधानी 12 मार्च को अपने वकील चंद्रशेखर के साथ एसपी कार्यालय पहुंचा। वहां बताया कि उसे नसीराबाद निवासी दोस्त अनिल ने कहा कि उसका जीजा संजय उसे विदेश में नौकरी लगा देगा। इसके बाद उसने बात की तो संजय ने दिल्ली में इंटरव्यू होने की बात बताई। जब दिल्ली गया तो कहा कि हैदराबाद से फ्लाइट पकड़ कर बैंकाक चले जाओ, इंटरव्यू वहीं पर होगा। इसके बाद वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ बैंकाक पहुंच गया। चॉकलेट का ब्रीफकेस दिया किशन ने मीडिया को बताया- बैंकाक पहुंचने के बाद वहां 8 दिन रहने के बाद बोला कि इंटरव्यू नहीं होगा। वापस आ जाओ। साथ ही वहां से अपने कपड़े व चॉकलेट का ब्रीफकेस लाने के लिए बोला। जो उसे होटल में दिया गया। इसके बाद वह मुंबई आ गया और होटल में रुका। वहां उसने आधार कार्ड देकर रूम लिया। संजय के बताए आदमी को ब्रीफकेस दे दिया। इसके बाद 2 मार्च को फोन आया कि देवली (टोंक) आ जाओ, आपको खतरा है। देवली बुलाया और उसका फोन ले लिया। इसके बाद बोला कि अंडरग्राउंड हो जाओ। वह वापस नसीराबाद आ गया। फिर उसे बूंदी बुलाया और पत्नी का फोन भी ले लिया। फिर पांच दिन कोटा में एक दोस्त के घर ठहराया। फिर मथुरा बुलाया। दावा: नौकरी का झांसा देकर ड्रग तस्करी किशन ने दावा किया था कि वो लोग मथुरा में मिले नहीं और पता चला कि ब्रीफकेस में ड्रग्स थी, जो पकड़ी गई और मुंबई पुलिस उसे ढूंढ रही है। उसने कहा कि वह पहले से कर्जे से परेशान है और अब वह सरेंडर करने के लिए यहां आया। लेकिन पुलिस ने मामला यहां का नहीं होने से उसे छोड़ दिया। आरोपियों ने विदेश में नौकरी का झांसा देकर धोखाधड़ी की और ड्रग्स की तस्करी करवाई। नसीराबाद सिटी थाना प्रभारी पंकज माझू ने कहा… फिलहाल सुसाइड के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। नौकरी के नाम पर विदेश भेजकर धोखाधड़ी करने व ड्रग्स तस्करी में फंसाने को लेकर एसपी ऑफिस पेश होने की जानकारी मिली थी। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ………… पढें ये खबर भी…. पत्थर पर लिखा-‘पत्नी-बच्चे माफ करें’, फिर युवक तालाब में कूदा:पाल के पास मिले जूते, एक घंटे में मिला शव; परिवार में पत्नी और दो बेटियां अजमेर के नसीराबाद स्थित लाल डिग्गी तालाब में युवक ने कूदकर सुसाइड कर लिया। तालाब के पास उसके जूते और एक पत्थर मिला। उस पर लिखा था कि ‘मेरी पत्नी और बच्चे माफ करें।’ मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम पहुंची। गोताखोरों ने नाव के सहारे शव को बाहर निकाला। (पूरी खबर पढें)
