होशियारपुर के मुकेरियां में एक 32 वर्षीय युवक सुनील कुमार ने पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने और आरोपियों की धमकियों से परेशान होकर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। करीब ढाई महीने पहले हुए झगड़े में गंभीर रूप से घायल होने के बाद सुनील लगातार न्याय की गुहार लगा रहा था, लेकिन सुनवाई न होने के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। होशियारपुर के मुकेरियां स्थित गांव लगाहं के रहने वाले सुनील कुमार (32) अपनी विधवा मां और दो बहनों का एकमात्र सहारा था। घटना की शुरुआत करीब ढाई महीने पहले हुई थी, जब सुनील अपनी स्विफ्ट कार में किसी काम से मुकेरियां गया था। बस स्टैंड के पास गाड़ी पार्किंग को लेकर सुनील की तीन युवकों के साथ कहासुनी हो गई थी। बेसबॉल बैट से किया गया था जानलेवा हमला विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी युवकों ने सुनील पर बेसबॉल बैट से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में सुनील के सिर और आंख पर गंभीर चोटें आई थीं। उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अमृतसर रेफर कर दिया था। इलाज के बाद से ही सुनील शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुका था, लेकिन असली संघर्ष अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद शुरू हुआ। पुलिस की सुस्ती और आरोपियों की धमकियां मृतक के मामा और मां ने आरोप लगाया है कि सुनील पिछले दो महीनों से लगातार थाना मुकेरियां के चक्कर काट रहा था, लेकिन पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिवार का कहना है कि एक तरफ पुलिस न्याय नहीं दे रही थी, वहीं दूसरी तरफ हमलावर युवक सुनील पर लगातार केस वापस लेने और राजीनामा करने के लिए दबाव बना रहे थे। उसे डराया-धमकाया जा रहा था, जिससे सुनील गहरे तनाव में चला गया। बॉडी बिल्डर था सुनील सुनील की बहन ने बिलखते हुए बताया कि उसका भाई एक बॉडी बिल्डर था और रोजाना जिम जाकर अपनी सेहत का ख्याल रखता था। उसका आज तक किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ था। बहन ने कहा, “मेरे निर्दोष भाई को तीन लोगों ने मिलकर अधमरा कर दिया और वह इंसाफ के लिए थानों में भटकता रहा। जब उसे लगा कि कानून उसकी मदद नहीं करेगा, तो उसने हार मानकर मौत को गले लगा लिया। एसएसपी होशियारपुर से इंसाफ की गुहार बीती रात सुनील ने अपने घर में पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और रोष की लहर है। पीड़ित परिवार ने अब एसएसपी होशियारपुर से गुहार लगाई है कि दोषी युवकों के साथ-साथ उन पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए जिन्होंने समय पर कदम नहीं उठाया। फिलहाल, एसएचओ दिलजीत सिंह ने मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।