खन्ना पुलिस ने 15 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अर्शदीप सिंह और जगतार सिंह उर्फ जोरा निवासी ब्यास (अमृतसर) के रूप में हुई है। ये साइबर ठग पीड़िता और उसकी बेटी को डराने-धमकाने के लिए फर्जी आईपीएस अधिकारी और जज तक बन गए थे। 2026 में किया था मामला दर्ज, खन्ना की महिला की शिकायत पर हुई कार्रवाई डीएसपी (इंवेस्टिगेशन) मोहित सिंगला ने बताया कि यह मामला 7 फरवरी, 2026 को दर्ज किया गया था। पुलिस ने अब तक पीड़िता को 4 लाख रुपये वापस दिलवा दिए हैं। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह शिकायत करतार नगर, खन्ना निवासी एक महिला ने दर्ज कराई थी, जिसकी बेटी दुबई में वर्क वीजा पर काम करते हुए साइबर ठगी का शिकार हुई थी। ठगी का यह जाल 2025 में बुना, आरोपी ने खुद को सोना कारोबारी बताया पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी का यह जाल 2025 में बुना गया था। दुबई में काम कर रही युवती की इंस्टाग्राम पर ‘मनीष चौधरी’ नाम के एक व्यक्ति से पहचान हुई। आरोपी ने खुद को अमेरिका में बसा हुआ और सोने के कारोबार से जुड़ा बताया। उसने धीरे-धीरे युवती का भरोसा जीता और शादी का झांसा दिया। आरोपी ने युवती को कोरियर से महंगे गिफ्ट भेजने का किया वायदा इसके बाद आरोपी ने युवती को बताया कि वह उसके लिए महंगे उपहार भेज रहा है। इन उपहारों में सोना, हीरे के जेवर, आईफोन 16, एप्पल वॉच, कपड़े और 10 हजार यूके पाउंड शामिल थे, जिन्हें कुरियर के माध्यम से भेजने का दावा किया गया। 15 अगस्त 2025 को भारत लौटी थी युवती, डराने के लिए फर्जी वीडियो भी भेजे युवती के 15 अगस्त 2025 को भारत लौटने के बाद ठगी का अगला चरण शुरू हुआ। उसे ‘मनोज’ नाम के एक व्यक्ति के फोन आने लगे, जिसने खुद को दुबई और मुंबई का कुरियर अधिकारी बताया। मनोज ने युवती को सूचित किया कि उसके नाम पर एक कीमती पार्सल आया है, जिसे छुड़ाने के लिए कस्टम ड्यूटी और पेनल्टी का भुगतान करना होगा। जब युवती ने भुगतान करने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उसे गिरफ्तारी की धमकी दी। उन्होंने यह भी कहा कि दुबई पुलिस भारत आकर उसे गिरफ्तार कर लेगी और गोली मार देगी। युवती को डराने के लिए फर्जी वीडियो भी भेजे गए थे।