जालंधर बस स्टैंड के पास स्थित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर सर्वर बंद होने की समस्या लगातार बनी हुई है। इसके चलते ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देने आने वाले आवेदकों को बिना टेस्ट दिए ही लौटना पड़ रहा है। सर्वर सिस्टम में तकनीकी खामियों के कारण ट्रैक पर काम ठप हो जाता है। मौके पर मौजूद अधिकारी आवेदकों को सर्वर बंद होने की जानकारी देकर वापस भेज देते हैं, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। न्यूजीलैंड से आए आवेदक बोले-साढ़े चार घंटे से नहीं बना लाइसेंस न्यूजीलैंड से लौटे एक आवेदक राहुल ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि वे अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए भारत आए हैं। राहुल के अनुसार, उन्हें साढ़े चार घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन उनका टेस्ट नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जनरेटर नहीं चल रहा था, और जब वह चला तो स्टाफ ने सर्वर बंद होने की बात कही। राहुल ने बताया कि उनकी वापसी 28 मार्च को है और उनके पास अब केवल दस दिन बचे हैं, जिससे लाइसेंस बनने में देरी की आशंका है। कई आवेदक दूसरी बार पहुंचे, नहीं बन पाया लाइसेंस अन्य आवेदकों ने बताया कि यह उनका दूसरा चक्कर था और पूरा दिन इंतजार करने के बावजूद उनका लाइसेंस नहीं बन पाया। उन्होंने कहा कि वे दोपहर 12 बजे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन दोपहर 1 बजे स्टाफ ने लंच ब्रेक की घोषणा कर दी। स्टाफ ढाई बजे के करीब लौटा और फिर सर्वर बंद होने की जानकारी दी। आवेदकों ने यह भी बताया कि उन्हें पहले अपॉइंटमेंट के लिए 250 रुपये का भुगतान करना पड़ा था और अब उन्हें दोबारा पैसे देने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। अधिकारी बोले-आवेदकों को परेशान होने की जरूरत नहीं, अपॉइंटमेंट दे दी जाएगी इस संबंध में टेस्ट ट्रैक के अधिकारी राजेश्वर सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में सर्वर बंद होने की समस्या है। सिंह ने आश्वासन दिया कि यदि किसी आवेदक को परेशानी आती है, तो उसे दोबारा अपॉइंटमेंट दे दी जाएगी और किसी का कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने इसे एक तकनीकी समस्या बताया, जो कभी भी उत्पन्न हो सकती है।
