पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और समुद्री मार्गों में रुकावट की आशंका का असर अब वैश्विक व्यापार पर दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो भारत में खरीफ फसलों की बुवाई पर उर्वरकों की कमी का खतरा मंडरा सकता है। साथ ही हीरे, औद्योगिक कच्चे माल, धातुओं और निर्माण सामग्री की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। दरअसल, भारत अपनी उर्वरक जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया के देशों से आयात करता है। इस क्षेत्र में समुद्री व्यापार का सबसे अहम मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य है।