प्रतापगढ़ में आयुर्वेद विभाग और राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद अन्तरंग शल्य चिकित्सा शिविर का समापन हो गया। यश कीर्ति जैन बोर्डिंग के सचिव पंकज जैन ने शिविर की अध्यक्षता की। इस मौके पर आयुर्वेद विभाग प्रतापगढ़ के उपनिदेशक डॉ. मुकेश कुमार शर्मा और सहायक निदेशक डॉ. दिलीप सिंह चंद्रावत भी उपस्थित रहे। शिविर प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए डॉ. महेश कुमार शर्मा ने 10 दिनों की गतिविधियों की जानकारी दी। इस नfशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में सर्जन डॉ. सतानंद सिंह के नेतृत्व में क्षार सूत्र चिकित्सा पद्धति से 109 रोगियों का सफल ऑपरेशन किया गया। इसके अतिरिक्त, बस्ती चिकित्सा से भी कई रोगियों का उपचार हुआ। वात रोग से ग्रसित 46 रोगियों को भर्ती कर पंचकर्म चिकित्सा प्रदान की गई। डॉ. पूर्वा जैन के निर्देशन में 265 रोगियों को पंचकर्म चिकित्सा पद्धति (स्नेहन, स्वेदन, बस्ति और एक्यूपंक्चर) से लाभान्वित किया गया। डॉ. राजेश रेगर ने अग्निकर्म विद्ध कर्म चिकित्सा के माध्यम से 245 मरीजों का त्वरित और सफल उपचार किया। डॉ. मनीषा कुमारी मीणा ने 178 बच्चों का स्वर्ण प्राशन किया और 255 महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कर उचित परामर्श एवं औषधि प्रदान की। डॉ. संदीप मुंडोतिया ने 15 जटिल रोगियों को जलौका (लीच) थेरेपी से उपचारित किया। शिविर के दौरान प्रतिदिन श्वास, कास, गठिया, वात रोग, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, उदर रोग और चर्म रोग सहित विभिन्न सामान्य बीमारियों से पीड़ित 1472 रोगियों की जांच कर उन्हें निःशुल्क आयुर्वेदिक उपचार दिया गया। शिविर प्रभारी डॉ. कमलकांत शर्मा और मीडिया प्रभारी डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि सभी भर्ती मरीजों को औषधीय किट वितरित किए गए हैं। फॉलो-अप के लिए इन मरीजों को 16 मार्च को आयुर्वेद जिला चिकित्सालय, किला रोड, प्रतापगढ़ बुलाया गया है। शिविर में अपनी सेवाएं देने वाले सभी चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, समाजसेवियों और परिचारकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिविर प्रभारी डॉ. कमलकांत शर्मा ने मरीजों को पथ्य और अपथ्य (क्या खाएं और क्या न खाएं) के संबंध में विशेष जानकारी भी दी।