श्रीगंगानगर। पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ‘गांव की सरकार’ के गठन को लेकर पिछले कई महीनों से चल रही असमंजस की स्थिति अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भी बनी हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रशासन चुनावों से जुड़े कार्यों को लगातार कर रहा है। चुनावों को लेकर सरपंच से लेकर जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार जीत के समीकरण बैठाने में लगे हैं। एक ओर जहां प्रशासन चुनावी प्रक्रिया में लगा हुआ है, वहीं दूसरी ओर चुनाव की तारीखों की घोषणा करने में हो रही देरी ने उम्मीदवारी जताने वालों के साथ-साथ मतदाताओं के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।