ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली युवाओं को अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। राजस्थान सरकार की अटल ज्ञान केंद्र योजना के तहत अब ग्राम पंचायत स्तर पर आधुनिक सुविधाओं से लैस डिजिटल लाइब्रेरी और ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। झुंझुनू जिले में इस योजना को लेकर कवायद तेज हो गई है, जिससे ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों, किसानों और युवाओं को एक ही छत के नीचे डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध हो सकेगा।
3 हजार से अधिक आबादी वाली सभी ग्राम पंचायतों में अटल ज्ञान केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों के अभाव को दूर करना और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना है। CEO जिला परिषद कैलाश चंद्र यादव ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। यह केंद्र किसानों के लिए सूचना का माध्यम बनेंगे, जहां वे आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकेंगे। वहीं, युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलने से वे घर बैठे ही देश-दुनिया की सूचनाओं से अपडेट रह सकेंगे। सुविधाओं का ‘डिजिटल पिटारा’ पंचायती राज विभाग के अनुसार इन केंद्रों को महज एक पुस्तकालय न मानकर एक ‘डिजिटल हब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। ई-लाइब्रेरी: इंटरनेट और कंप्यूटर के माध्यम से डिजिटल कंटेंट तक पहुंच। प्रतियोगी साहित्य: विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लिए विशेष पुस्तकें और समसामयिक (Current Affairs) पत्रिकाएं। ई-मित्र सेवाएं: सरकारी योजनाओं की जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए केंद्र पर ही ई-मित्र की सुविधा। बौद्धिक विकास: स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास, महापुरुषों की जीवनियां और समाचार पत्र। 12.50 लाख से संवरेगा हर केंद्र
प्रत्येक अटल ज्ञान केंद्र के लिए सरकार ने लगभग 12.50 लाख रुपये का प्रावधान रखा है। निर्माण एवं नवीनीकरण: 8 लाख रुपये (मौजूदा केंद्रों की मरम्मत और आवश्यक निर्माण के लिए)। आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर: 2 लाख रुपये (कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन और डिजिटल उपकरणों के लिए)। फर्नीचर व अन्य: 2.50 लाख रुपये (आरामदायक बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के लिए)।