बिसाऊ (झुंझुनूं)। शेखावाटी का बिसाऊ कस्बा एक ऐसी परम्परा को जिंदा रखे हुए हैं, जो देश-दुनिया में अनूठी मानी जाती है। यहां सोमवार से विश्वप्रसिद्ध मूक रामलीला की शुरुआत हो गई। पहले दिन राम जन्म और ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया। इस रामलीला की खासियत यह है कि कोई भी पात्र संवाद नहीं बोलता। 200 फीट लंबे और 15 फीट चौड़े खुले मैदान में ढोल-नगाड़ों की थाप और मुखौटे लगाए कलाकारों की नृत्य-मुद्राओं के जरिये पूरी कथा जीवंत की जाती है।