बाड़मेर जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। शिव की थुंबली ग्राम पंचायत के खेजड़ियाली गांव में खेतों की बाड़ पर शिकार के लिए लोहे के पतले तारों से फंदे (कुड़) लगाए गए थे। वन विभाग की टीम को मौके से मृत वन्यजीवों की हड्डियां और खून से सनी मिट्टी मिली है। प्रारंभिक जांच में चिंकारा, खरगोश और जंगली सुअर के शिकार की आशंका जताई जा रही है। शिकार की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम जम्भेश्वर वन्यजीव एवं पर्यावरण संस्था के जिलाध्यक्ष भंवरलाल भादू को रविवार को शिकार की आशंका हुई। उन्होंने इसकी सूचना डीएफओ सविता दहिया को दी। डीएफओ के निर्देश पर शिव रेंजर नरपतसिंह के नेतृत्व में फ्लाइंग टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखकर वहां मौजूद कुछ लोग भागते नजर आए। इसके बाद आसपास के घरों में तलाशी और पूछताछ शुरू की गई। चार से अधिक फंदे मिले टीम को खेत की बाड़ और झाड़ियों के पास चार से अधिक फंदे मिले, जिन्हें स्थानीय भाषा में कुड़ कहा जाता है। इन फंदों में फंसने के बाद जानवर निकलने की कोशिश करते हैं, जिससे फंदा और कसता जाता है। गर्दन में फंसते ही जानवर की दम घुटने से तड़प-तड़पकर मौत हो जाती है। गड्ढे खुदवाने पर मिले अवशेष तलाशी के दौरान खेतों और आसपास के क्षेत्रों में खून से सनी मिट्टी मिली, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि शिकार के बाद जानवरों को वहीं काटा गया। संदेह के आधार पर टीम ने जगह-जगह गड्ढे खुदवाए, जहां से वन्यजीवों की हड्डियां और अन्य अवशेष बरामद हुए। आसपास की झोपड़ियों और घरों की भी तलाशी ली गई। अधिकारी बोले – जांच जारी डीएफओ सविता दहिया ने बताया- सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची। खेतों की बाड़ के पास लोहे के तारों से बने फंदे मिले हैं। कुछ घरों की जांच में हड्डियां बरामद हुई हैं। चिंकारा, खरगोश और जंगली सुअर के शिकार की आशंका है। कार्रवाई के दौरान रेंजर नरपतसिंह, रेंजर जगदीश विश्नोई, वन रक्षक चिमनी शर्मा, छगनी चौधरी, प्रकाश कोचर सहित फ्लाइंग टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।