डीग पुलिस ने “ऑपरेशन एंटीवायरस” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन, 14 फर्जी सिम कार्ड और ठगी के पैसों से खरीदी गई तीन मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. (IPS) के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। कैथवाड़ा थाना पुलिस ने 7 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर ओलेंडा पहाड़ की तलहटी में दबिश दी। वहां आठ संदिग्ध युवक तीन बाइकों के साथ बैठे मिले, जो पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुसर्रफ, अनीश, अफरोज, उमरमुल्ला, शकील, साहिद, मुनसाद और नसीम के रूप में हुई है। पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच में सामने आया कि आरोपी एक संगठित गिरोह बनाकर फर्जी फेसबुक और व्हाट्सएप आईडी का इस्तेमाल करते थे। वे सस्ते गिफ्ट आइटम, लेडीज सूट, साड़ियां, मोबाइल फोन और बच्चों की गाड़ियां बेचने के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करते थे। इसके अलावा, आरोपी फर्जी टेक्स्ट मैसेज भेजकर गलती से खाते में पैसे ट्रांसफर होने का झांसा देकर रकम वापस मंगवाते थे। वे प्रसिद्ध यूट्यूबर हर्षा सहाय के नाम पर गरीबों की मदद के बहाने भी लोगों से धोखाधड़ी करते थे। इस पूरे नेटवर्क में फर्जी सिम और फर्जी बैंक खातों का उपयोग किया जाता था। जांच में यह भी पता चला कि बरामद तीनों मोटरसाइकिलें साइबर ठगी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध 1930 साइबर पोर्टल पर कुल 10 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें 58,143 रुपए की ऑनलाइन ठगी का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और साइबर अपराध से अर्जित संपत्तियों की भी जांच कर रही है। अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
