जैसलमेर में कस्टमर ने महिंद्रा के शोरूम से 22 लाख रुपए की नई XUV 700 गाड़ी खरीदी थी। कुछ समय बाद ही गाड़ी का साउंड सिस्टम, सनरूफ और फ्यूल इंडिकेटर खराब हो गए। कार की सनरूफ से पानी भी टपकने लगा था। SUV का मालिक गाड़ी सही करवाने के लिए करीब 14 बार शोरूम पहुंचा। हर बार उसे तकनीकी खराबी की बात कहते हुए टालमटोल करते रहे। परेशान होकर कस्टमर ने कंज्यूमर कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट ने कस्टमर के पक्ष में फैसला सुनाया है। कंज्यूमर कोर्ट ने कंपनी को 45 दिन के अंदर कस्टमर को नई XUV 700 गाड़ी देने का आदेश दिया है। साथ ही आर्थिक और मानसिक कष्ट देने के लिए 2 लाख 60 हजार रुपए जुर्माना देने के लिए भी कहा है। जैसलमेर उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गौड़ की पीठ ने पीड़ित रिटायर्ड प्रोफेसर लक्ष्मी नारायण नागौरी (62) की शिकायत पर गुरुवार को यह फैसला सुनाया। सिलसिलेवार समझिए क्या है पूरा मामला… 5 साल पहले खरीदी थी XUV 700
आयोग के रीडर मदन भाटी ने बताया- कार मालिक लक्ष्मी नारायण नागौरी ने 9 नवंबर 2021 को महिंद्रा कंपनी की गाड़ी XUV 700 (RJ 15 UA 2600) खरीदी थी, जिसमें शुरुआत से ही गंभीर तकनीकी खामियां थी। कार मालिक ने गाड़ी खरीदने के तुरंत बाद ही इसमें कई मैन्युफैक्चरिंग कमियों की शिकायत की थी। इनमें गाड़ी का म्यूजिक सिस्टम खराब होना, सनरूफ का ठीक से काम न करना, कार के अंदर पानी टपकना, डिस्प्ले और सिल्वर बॉक्स का बार-बार बंद होना और फ्यूल इंडिकेटर का सही जानकारी नहीं देना शामिल था। पानी के रिसाव से कार में शॉर्ट सर्किट और आग लगने का भी खतरा बना रहता था। ग्राहक ने वॉट्सऐप, ईमेल, फोन और सर्विस के दौरान कई बार इस बारे में शिकायत की। गाड़ी को करीब 14 बार सर्विस सेंटर भी ले जाया गया, लेकिन कंपनी इसका पक्का समाधान नहीं कर सकी। कार ली उसी दिन आगे का कांच टूटा मिला
लक्ष्मी नारायण नागौरी के अनुसार, शोरूम से नई कार खरीदते समय ही उसकी आगे की विंडशील्ड टूटी हुई थी। शुरुआत में कंपनी ने इसे बदलने से मना कर दिया था, लेकिन जब शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी गई तो गलती साबित हुई और नया कांच लगाया गया। अन्य समस्याओं की जब कंपनी में कोई सुनवाई नहीं हुई तो वकील के जरिए 15 जुलाई 2025 को कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा था। इसमें कार को बदलकर नई कार देने या पूरे पैसे ब्याज सहित लौटाने और 5 लाख रुपए हर्जाने की मांग की गई थी। हालांकि, कंपनी ने 18 जुलाई 2025 को केवल औपचारिक जवाब दिया और समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला। आखिरकार उन्होंने न्याय के लिए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने सबूतों और तर्कों के आधार पर कंपनी को सेवा में गंभीर लापरवाही और दोषयुक्त वाहन बेचने का दोषी माना और हमारे हक में फैसला सुनाया। कंपनी को अब पुरानी गाड़ी लेकर नई गाड़ी 45 दिनों के भीतर ऑन-रोड वाहन (रोड टैक्स और बीमा सहित) देनी होगी। ——- ये खबर भी पढ़ें… स्कॉर्पियो पर लिखा- मौत का सामान, 20 लाख का डिब्बा:क्रेन से 20 फीट हवा में लटकाई गाड़ी; एक्सीडेंट में गई थी बिजनेसमैन की जान झुंझुनूं में 20 जुलाई को एक्सीडेंट में बिजनेसमैन की मौत हो गई थी। हादसे में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए थे, लेकिन एयरबैग्स नहीं खुले थे। पढ़ें पूरी खबर…
