चित्तौड़गढ़ में अंतरिम जमानत पर छूटे रिटायर्ड एएसआई के बेटे अजयराज सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी को मारने आए हिस्ट्रीशीटर की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायर किए। जवाबी कार्रवाई में हिस्ट्रीशीटर प्रभुसिंह के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। उसे तुरंत जिला हॉस्पिटल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना जिले के शंभूपुरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह करीब 5 बजे हुई। फिलहाल हॉस्पिटल में कड़ी सुरक्षा लगा दी गई है। पुलिस ने आरोपी से हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। मामले में शंभूपुरा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस को पहले से थी सूचना, नाकाबंदी के दौरान हुई मुठभेड़
एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्रभुसिंह चौहान सदर थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह अवैध हथियार लेकर घूम रहा है और अपने विरोधी गैंग के लोगों पर हमला करने की तैयारी में है, ऐसे में उसकी तलाश की जा रही थी। अलग-अलग स्थानों पर नाकाबंदी की गई। शंभूपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने उसकी कार को रोकने का प्रयास किया। एसपी के मुताबिक रुकने के बजाय प्रभुसिंह ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायर किए। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में प्रभुसिंह के पैर में गोली लगी और उसे मौके से पकड़ लिया गया। पुलिस ने उसके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। एफएसएल टीम ने मौके का निरीक्षण कर जरूरी सबूत भी जुटाए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। ईश्वरसिंह डेट की हत्या की आशंका, पुराने विवाद से जुड़ रहा मामला
उन्होंने बताया कि प्रभुसिंह चौहान की अजयराज हत्याकांड के आरोपी भैरूं झुपड़ा और ईश्वरसिंह डेट गैंग में लंबे समय से रंजिश चल रही है। पिछले साल हुए रिटायर्ड एएसआई शिवपाल सिंह के बेटे अजयराज सिंह हत्याकांड के मामले में गंगरार थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर ईश्वरसिंह डेट जेल में बंद था। हाल ही में उसे अंतरिम जमानत मिली थी, जिस पर वह 5 अगस्त तक जेल से बाहर है। एसपी ने बताया कि प्रभुसिंह इसी दौरान ईश्वरसिंह की हत्या करना चाहता था। इसकी सूचना पुलिस तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने नाकाबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान मुठभेड़ हुई। फिलहाल मामले की जांच कर रही है। यह कार्रवाई पुलिस की DST टीम और शंभूपुरा थाने की टीम ने मिलकर की। हॉस्पिटल में बढ़ाई गई सुरक्षा, आईसीयू के बाहर पुलिस का पहरा
गोली लगने के बाद प्रभुसिंह को जिला हॉस्पिटल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया। उसे अलग आईसीयू में रखा गया है। हॉस्पिटल के अंदर सुरक्षा के लिए क्यूआरटी के जवान तैनात किए गए हैं, जबकि बाहर सदर थाना पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। सदर थाना प्रभारी प्रेमसिंह भी हॉस्पिटल में मौजूद रहे। एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने भी हॉस्पिटल पहुंचकर घायल आरोपी की स्थिति की जानकारी ली। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। वहीं पुलिस उससे पूछताछ भी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके साथ और कौन लोग जुड़े थे। पुलिस पर फायरिंग और अन्य मामलों में शंभूपुरा थाने में अलग से मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। सदर थाने का हिस्ट्रीशीटर, 18 आपराधिक मामले दर्ज
एसपी ने बताया कि प्रभुसिंह चौहान चित्तौड़गढ़ के सदर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ सिर्फ चित्तौड़गढ़ ही नहीं बल्कि बड़ीसादड़ी, गंगरार और भीलवाड़ा जिले के कोतवाली और करेड़ा थानों में भी कई मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ अब तक कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। लंबे समय से वह पुलिस की निगरानी में रहा है और उसके खिलाफ कई गंभीर अपराधों में कार्रवाई हो चुकी है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। हत्या से लेकर डकैती और अवैध हथियार तक के मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्रभुसिंह चौहान पर हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने, अवैध गतिविधियों में शामिल होने, चोरी, मारपीट, जेल नियमों का उल्लंघन, आपराधिक षड्यंत्र रचने, किसी व्यक्ति को गलत तरीके से बंधक बनाने, दंगा करने, घातक हथियार के साथ दंगा करने, अपराध के सबूत मिटाने, डकैती, लूट और हथियार या गोला-बारूद के अवैध निर्माण जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं।