चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल में रविवार को डॉक्टरों की तत्परता और टीमवर्क से एक 15 साल के बच्चे की जान बचा ली गई। रामपुरा बेरी निवासी मिलन साइकिल से गिरने के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया था। साइकिल के हैंडल की चोट से उसकी तिल्ली फट गई और पेट में करीब डेढ़ लीटर खून जमा हो गया। हालत गंभीर होने पर उसे चूरू के डीबी अस्पताल लाया गया, जहां मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार के नेतृत्व में 45 मिनट तक चले सफल ऑपरेशन के बाद उसकी जान बचाई गई। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर है और उसे एसआईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है। साइकिल चलाते समय हुआ हादसा रामपुरा बेरी निवासी अजय ने बताया कि उसका मामा का बेटा मिलन रविवार को घर में साइकिल चला रहा था। इसी दौरान अचानक साइकिल का अगला टायर निकल गया, जिससे वह गिर पड़ा। गिरते समय साइकिल के हैंडल की तेज चोट उसके पेट में लगी और वह बेहोश हो गया। गांव से राजगढ़ और फिर चूरू रेफर परिजन घायल मिलन को पहले गांव के एक निजी डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे राजगढ़ के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां सोनोग्राफी में सामने आया कि पेट में गंभीर अंदरूनी चोट लगी है और लगातार ब्लीडिंग हो रही है। स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे चूरू के डीबी अस्पताल रेफर कर दिया। जांच में सामने आई फटी तिल्ली डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचते ही मिलन की हालत और गंभीर हो गई। इमरजेंसी स्टाफ ने तुरंत मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार को सूचना दी। डॉ. पुकार ने मौके पर पहुंचकर बालक की स्थिति का जायजा लिया और तत्काल सीटी स्कैन सहित अन्य जांचें करवाईं। जांच में सामने आया कि साइकिल के हैंडल की चोट से मिलन की तिल्ली फट गई थी और उसके पेट में करीब डेढ़ लीटर खून जमा हो चुका था। लगातार ब्लीडिंग के कारण उसकी जान को खतरा था।

छुट्टी के दिन खुलवाया ऑपरेशन थिएटर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. एमएम पुकार ने तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया। रविवार को अवकाश होने के बावजूद उन्होंने तत्काल ऑपरेशन थिएटर खुलवाया और डॉक्टरों की टीम गठित की। करीब 45 मिनट तक चले ऑपरेशन के दौरान पेट से जमा खून बाहर निकाला गया और सफल सर्जरी कर बालक की जान बचा ली गई। सफल ऑपरेशन के बाद मिलन की हालत में सुधार है और उसे सर्जिकल आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है। “आज एक घर का बुझता चिराग बच गया” अजय ने बताया कि मिलन अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। उन्होंने कहा कि डॉ. पुकार और उनकी टीम ने एक घर का बुझता चिराग बचा लिया। परिवार ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का आभार जताया। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी योजनाओं के तहत पूरा इलाज निशुल्क हुआ। डॉ. पुकार बोले- हालत बेहद गंभीर थी मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार ने बताया कि जब मिलन को अस्पताल लाया गया, तब उसकी हालत गंभीर थी और पेट में लगातार दर्द बढ़ रहा था। सीटी स्कैन में पता चला कि साइकिल के स्टेयरिंग की चोट से उसकी तिल्ली फट गई है। तत्काल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई गई। इन डॉक्टरों की टीम ने किया सफल ऑपरेशन इस ऑपरेशन को मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार के नेतृत्व में डॉ. गजानन्द रसगनिया, डॉ. विनय जानू, एनेस्थेटिक विशेषज्ञ डॉ. मोनिका, डॉ. गरिमा, नर्सिंग ऑफिसर राहुल शर्मा और मंगल की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।