संगरूर जिले में शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगातार ड्यूटियां लगाए जाने के विरोध में एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिलने पहुंचा था, लेकिन अधिकारी के उपलब्ध न होने पर उन्होंने विरोध जताया। शिक्षकों का आरोप था कि वे अपनी समस्याओं को लेकर एसडीएम से मिलने आए थ। लेकिन अधिकारी कार्यालय में मौजूद होने के बावजूद उनसे मिलने बाहर नहीं आए। इससे नाराज शिक्षकों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। शिक्षक बोले- स्कूलों की पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित शिक्षक प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे सूबा कन्वीनर कृष्ण सिंह दुग्गां, देवी दयाल और सरबजीत पुन्नावाल ने बताया कि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटियां गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दी गई हैं। इससे स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और विद्यार्थियों की शिक्षा का नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा पहले ही स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में न लगाया जाए, ताकि वे पूरी तरह विद्यार्थियों की पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर इन आदेशों की अनदेखी की जा रही है। सैलरी रोकने पर जताया एतराज शिक्षक नेताओं ने एक शिक्षक की तनख्वाह रोकने पर भी कड़ा एतराज जताया, जिसे बीएलओ ड्यूटी पर लगाया गया था। उन्होंने इसे गलत और अन्यायपूर्ण बताते हुए तुरंत आदेश वापस लेने की मांग की। धरने की सूचना मिलते ही थाना सिटी पुलिस के प्रभारी गुलाब सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों से बातचीत कर माहौल शांत करवाया और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद शिक्षकों के प्रतिनिधियों की एसडीएम के साथ बैठक करवाई गई।शिक्षक नेताओं के अनुसार, बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि संबंधित शिक्षक की रोकी गई तनख्वाह बहाल की जाएगी और उन्हें बीएलओ ड्यूटी से राहत दी जाएगी। इसके अलावा, भविष्य में शिक्षकों की ड्यूटियां लगाते समय विभागीय निर्देशों का पालन करने का आश्वासन भी दिया गया। बैठक के बाद शिक्षकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया तो आने वाले समय में संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
