बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में सोमवार को एक सड़क हादसे में छह लोगों की मौत के बाद मातम छाया हुआ था और दूसरी तरफ ट्रोमा सेंटर बनाने की मांग करने पहुंचे किसानों को विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि तीन साल डुबोये रखा, तब मर गए थे क्या? राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता विवेक माचरा ने इसका विरोध किया। दरअसल, केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा की जनसुनवाई के दौरान ये हंगामा हुआ। सड़क हादसे में छह परिवारों की मौत का जिक्र करते हुए आरएलपी नेता विवेक माचरा ने मंत्री से कहा कि मुख्यमंत्री ने यहां ट्रोमा सेंटर बनाने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक नहीं बन पाया है। माचरा ने कहा कि उन्होंने ढाई साल में बनाने का आश्वासन दिया था। इस पर विधायक बोले कि अभी 28 जुलाई 25 को ही आश्वासन दिया था। ढाई साल कहां हो गए? इस पर साथ आए किसान ने कहा कि एक साल तो हो गया ना? इससे झल्लाकर विधायक सारस्वत ने कहा कि तीन साल डुबोये रखा था, तब मर गए थे क्या? विधायक की इस भाषा पर माहौल बिगड़ गया। माचरा ने कहा कि आप ऐसे नहीं बोल सकते कि हम मर गए क्या? विरोध तेज होते देख पुलिस ने माचरा को पीछे हटा दिया। केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने स्थिति को संभाला और माचरा को बातचीत के लिए फिर से आगे बुलाया। ये भी कहा कि आज का हादसा दुखद हैं। ट्रोमा सेंटर के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। न सिर्फ श्रीडूंगरगढ़ बल्कि लूणकरनसर सहित सभी क्षेत्रों में इस दिशा में काम चल रहा है। पहले चिकित्सा मंत्री ने दिया विवादित बयान इससे पहले पीबीएम अस्पताल में प्रसुताओं की किडनी खराब होने के मामले में पत्रकारों से बातचीत में चिकित्सा मंत्री ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने सवालों के जवाब देने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा को आमंत्रित करते हुए कहा कि बताईये प्रसुताएं नाचते गाते आई थी या फिर बीमार। उनके इस बयान का कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है।
