श्रीगंगानगर जिले में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। पेट्रोल पंपों पर मांग के मुताबिक ईंधन नहीं पहुंच रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कुछ पंप धीरे-धीरे ड्राई होने लगे हैं। श्रीगंगानगर जिला व्यापार संघ के अध्यक्ष आशुतोष गुप्ता ने कहा- तेल कंपनियां अभी भी पिछले साल की बिक्री को आधार बनाकर सप्लाई कोटा तय कर रही हैं, जबकि इस साल ईंधन की लागत में इजाफा हुआ है। मांग पिछले साल की तुलना में कहीं ज्यादा बढ़ गई है, लेकिन सप्लाई नहीं बढ़ाई जा रही। पूरे जिले में डीजल-पेट्रोल की सप्लाई नहीं आ रही है। कंपनियां कह रही हैं कि पिछले साल जितना दिया था, उतना ही इस साल कोटा मिलेगा। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। ईंधन सप्लाई पर ईरान-इजरायल और अमेरिका युद्ध का सीधा असर पड़ा है। होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव के बीच सप्लाई नहीं हो रही। गुप्ता ने आगे बताया- पहले राजस्थान और पंजाब में डीजल के रेट में काफी अंतर था, जिसकी वजह से लोग पंजाब से तेल खरीदते थे। राजस्थान के पंपों पर बिक्री कम रहती थी। लेकिन अब जब राजस्थान में पेट्रोल-डीजल के दाम पंजाब के बराबर हो गए हैं, तब से यहां की मांग बढ़ गई है और लोग स्थानीय पंपों से ही खरीद रहे हैं। इसलिए कोटा बढ़ाना जरूरी है। व्यापार संघ ने जिला कलेक्टर को जिले में ईंधन का कोटा बढ़ाने का ज्ञापन सौंपा। व्यापार संघ का कहना है कि यदि तेल कंपनियां तुरंत सप्लाई नहीं बढ़ाती हैं तो न सिर्फ आम जनता को परेशानी होगी, बल्कि राजस्थान सरकार को भी करोड़ों रुपए के टैक्स का नुकसान होगा। क्योंकि सीमावर्ती इलाकों के लोग अब पंजाब की बजाय राजस्थान से ही ईंधन खरीद रहे हैं। साधुवाली के पास पंजाब के पेट्रोल पंपों पर अभी भी पर्याप्त आपूर्ति हो रही है, जबकि श्रीगंगानगर समेत आसपास के राजस्थानी पंप सूखने की कगार पर हैं। जिला व्यापार संघ ने तेल कंपनियों से मांग की है कि वे पुरानी नीति में बदलाव करें। वर्तमान मांग के अनुरूप श्रीगंगानगर क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई तुरंत बढ़ाएं। ताकि जनता को राहत मिल सके।
