राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण के तहत दौसा शहर में प्रस्तावित 19.76 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, प्रबुद्धजनों ने प्रस्तावित कार्यों पर सुझाव दिए। शहर में 19.76 करोड़ से विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित आरयूआईडीपी के एसई खेमराज मीणा ने बताया कि शहर में 19.76 करोड़ से विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें 8.93 करोड़ से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, 4.51 करोड़ से बाढ़ प्रबंधन एवं ड्रेनेज कार्य और 6.32 करोड़ से कमाण्ड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी), विरासत संरक्षण एवं पर्यटन तथा शहरी परिवहन नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए कार्य किए जाएंगे। इन समस्याओं के सुझाव आए संवाद के दौरान बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था के संबंध में शहर के प्रमुख नालों को एनएचएआई के नालों से जोड़ने, सीएंडडी वेस्ट प्लांट स्थापित करने, सैंथल तिराहे से सूरी नदी तक जल निकासी सुधारने, गांधी तिराहे, मंडी रोड, गेटोलाव, जड़ाव फाटक, जिला अस्पताल, बरकत नगर, बाबाजी की छावनी, सिविल लाइन, पंचमुखी मंदिर, गणेश विहार, न्यू बस डिपो, कलेक्ट्रेट क्षेत्र, लालसोट बाईपास, गुप्तेश्वर रोड और अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों में नालों का निर्माण एवं सुधार कराने जैसे सुझाव दिए। प्रस्तावित विरासत संरक्षण एवं पर्यटन विकास कार्यों के तहत प्रतिभागियों ने नीलकंठ महादेव मंदिर क्षेत्र को विकसित करने, प्राचीन बावड़ी के जीर्णोद्धार, गेटोलाव पर घाट निर्माण जैसे सुझाव दिए। कार्यक्रम में एडीएम अरविंद शर्मा ने कहा कि परियोजना विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आरयूआईडीपी, नगर परिषद और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से ही परियोजना का क्रियान्वयन संभव होगा।
