संत रविदास महाराज की जन्मभूमि वाराणसी से निकली कलश यात्रा गुरुवार को भरतपुर के रास्ते राजस्थान में पहुंची। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा कलश लेकर भरतपुर पहुंचे। ऊंचा नगला इलाके में डिप्टी सीएम दीया कुमारी समेत भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। यह कलश अब जयपुर पहुंचेगा और इसके बाद पूरे राजस्थान के गांव-गांव तक ले जाकर संत रविदास के सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के संदेश को घर-घर पहुंचाया जाएगा। देखें … कार्यक्रम की तस्वीरें वाराणसी से शुरू हुई कलश यात्रा, राजस्थान के गांव-गांव पहुंचेगा संदेश डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने बताया – कलश यात्रा की शुरुआत संत रविदास महाराज की जन्मस्थली वाराणसी से हुई है। यह कलश रथ पूरे राजस्थान के गांव-गांव जाएगा और सामाजिक समरसता का संदेश घर-घर तक पहुंचाएगा। संत रविदास ने करीब 650 साल पहले जो विचार दिए थे, वे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। लोगों को जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर हर वर्ग और समाज के साथ मिलकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए। वाराणसी के कार्यक्रम के बाद भरतपुर से राजस्थान में हुई एंट्री डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने बताया – 29 जुलाई को वाराणसी में कलश यात्रा का कार्यक्रम हुआ था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई मंत्री शामिल हुए। संत रविदास की जन्मभूमि से कलश देश के अलग-अलग राज्यों में पहुंच रहा है। गुरुवार को एक कलश लेकर भरतपुर सीमा से राजस्थान में लाया गया। डिप्टी सीएम दीया कुमारी सहित जनप्रतिनिधियों और लोगों ने इसका स्वागत किया। जयपुर पहुंचेगा कलश, फिर घर-घर पहुंचेंगे संत रविदास के आदर्श दीया कुमारी ने कहा – कलश यात्रा का स्वागत करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। संत रविदास महाराज ने करीब 650 साल पहले भक्ति आंदोलन के माध्यम से समाज को समानता और समरसता का संदेश दिया था। आज सभी लोगों को उनके विचार अपनाकर सामाजिक सद्भाव और देशहित में मिलकर काम करना चाहिए। भरतपुर से यह कलश जयपुर रवाना होगा। रास्ते में जगह-जगह इसका स्वागत किया जाएगा। जयपुर में कलश को मंदिर में स्थापित किया जाएगा और इसके माध्यम से संत रविदास के संदेश और आदर्श पूरे राजस्थान के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाए जाएंगे।